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Jammu News: कार्यशाला में आयुष मंत्रालय की योजनाओं पर हुई चर्चा
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अखनूर। आरोग्य भारती संस्था की तरफ से शनिवार को अखनूर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें आयुष मंत्रालय की योजनाओं पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव एवं आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं उत्तर भारत क्षेत्र संयोजक संजीवन जी और आरोग्य भारती जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधि अनिल कुमार वासुदेव भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में कॉलेज के नोडल अधिकारी नरिंदर शर्मा, स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. वार्ष्णेय ने कहा कि आयुष मंत्रालय की स्थापना के बाद से आयुर्वेद सहित पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सरकार द्वारा विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार ने आयुष मंत्रालय के लिए करीब 3700 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय के माध्यम से देशभर में आयुर्वेद से संबंधित हजारों नौकरियों के अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे युवाओं को कॅरिअर के नए विकल्प मिल रहे हैं।
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डॉ. वार्ष्णेय ने बताया कि आरोग्य भारती का उद्देश्य एक ऐसी जीवनशैली को बढ़ावा देना है, जिससे व्यक्ति रोगमुक्त रहे। उन्होंने आहार-विहार, योग और आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर बल दिया।
कोरोना काल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस वैश्विक महामारी ने आयुर्वेद की उपयोगिता को न केवल देश में बल्कि विश्वभर में स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ भी आयुष मंत्रालय ने इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। कार्यक्रम का समापन प्रेरणादायक विचारों और विद्यार्थियों के उत्साह के साथ हुआ।
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इस अवसर पर आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव एवं आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं उत्तर भारत क्षेत्र संयोजक संजीवन जी और आरोग्य भारती जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधि अनिल कुमार वासुदेव भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में कॉलेज के नोडल अधिकारी नरिंदर शर्मा, स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
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कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. वार्ष्णेय ने कहा कि आयुष मंत्रालय की स्थापना के बाद से आयुर्वेद सहित पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सरकार द्वारा विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार ने आयुष मंत्रालय के लिए करीब 3700 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय के माध्यम से देशभर में आयुर्वेद से संबंधित हजारों नौकरियों के अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे युवाओं को कॅरिअर के नए विकल्प मिल रहे हैं।
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डॉ. वार्ष्णेय ने बताया कि आरोग्य भारती का उद्देश्य एक ऐसी जीवनशैली को बढ़ावा देना है, जिससे व्यक्ति रोगमुक्त रहे। उन्होंने आहार-विहार, योग और आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर बल दिया।
कोरोना काल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस वैश्विक महामारी ने आयुर्वेद की उपयोगिता को न केवल देश में बल्कि विश्वभर में स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ भी आयुष मंत्रालय ने इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। कार्यक्रम का समापन प्रेरणादायक विचारों और विद्यार्थियों के उत्साह के साथ हुआ।