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राहत: महामारी में जान गंवाने वाले परिवारों के लिए सरकार ने खोला खजाना, उप-राज्यपाल ने की ये घोषणा
Tue, 11 May 2021 05:26 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 11 May 2021 05:26 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने महामारी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों, श्रमिकों और अनाथालयों के लिए खजाना खोला है। साथ ही बच्चों के भविष्य को भी ध्यान में रखा है।
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अधिकारियों के साथ बैठक करते उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना महामारी में जान गंवाने वाले परिवारों को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने बड़ी राहत दी है। इस आदेश में उन परिवारों को शामिल किया गया है जिन्होंने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को खो दिया है। साथ ही अपने माता-पिता को खो देने वाले बच्चों को भी इसमें शामिल किया गया है। सरकार ऐसे बच्चों को विशेष छात्रवृत्ति देगी।
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उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि कोविड -19 के कारण कई परिवारों ने अपनों को खोया है। सरकार ने इस तरह के प्रत्येक परिवार तक पहुंचने का फैसला किया है। इन परिवारों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पंजीकृत श्रमिकों, पालकीवालों और पिट्ठूवालों को अगले दो महीनों तक 1,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। आपातकाल में उपयोग के लिए डिवकॉम, जिला उपायुक्तों और जम्मू-कश्मीर पुलिस को 55 करोड़ रुपये भी जारी किए जाएंगे।
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उप-राज्यपाल ने कहा कि यह घोषणा उन परिवारों की पीड़ा को कम करने के लिए है, जिन्होंने महामारी से अपने प्रियजनों को खो दिया है। परिवार में कमाने वाले सदस्य को खोने वाले वरिष्ठ नागरिकों को विशेष पेंशन प्रदान की जाएगी। ऐसे परिवारों को जम्मू-कश्मीर बैंक के माध्यम से स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
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कहा कि लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार अन्य रणनीतियों को भी अपना रही है। सभी संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता पर राशन कार्ड धारकों को राशन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है। उपराज्यपाल ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन, लाडली बेटी, पीएमएवाई, मनरेगा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की किस्त तुरंत जारी की जाएगी।
अनाथालयों को मिलेगी हर संभव मदद
उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में, ओल्ड-एज होम्स और अनाथालयों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें राशन से साथ ही अन्य आवश्यक चीजें शामिल हैं। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की भागीदारी के साथ इस महामारी को हराना है। उप-राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि वो प्रोटोकॉल का पालन करते हुए टीकाकरण करवाएं।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत जारी किए जाएंगे 55 करोड़ रुपये
उपराज्यपाल ने कहा कि मौजूदा कोविड -19 संकट के दौरान आपातकालीन उपयोग के लिए सभी उपायुक्तों, जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए 55 करोड़ रुपये एसडीआरएफ के तहत जारी किए जाएंगे। सभी 20 उपायुक्तों को 2 करोड़ रुपये, दोनों डिवीजनल कमिश्नरों को 5 करोड़ रुपये और आपातकालीन उपयोग के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस को 5 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
उप-राज्यपाल ने कोरोना महामारी से जंग में तैयारियों की समीक्षा की
उपराज्यपाल ने कोविड-19 प्रबंधन और जम्मू-कश्मीर में अन्य उपायों पर वरिष्ठ अधिकारियों से प्रतिक्रिया ली। प्रदेश मे कोरोना महामारी की समीक्षा करते हुए, उपराज्यपाल ने केंद्र शासित प्रदेश में कोविड समर्पित बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन की आपूर्ति, ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना के बारे में पूछताछ की। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त ऑक्सीजन प्लांट आयात किए जा रहे हैं और जल्द ही सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में स्थापित किए जाएंगे।
अधिकारियों को निर्देश- सख्ती से लागू करें कोरोना कर्फ्यू
उपराज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों में सख्त कोरोना कर्फ्यू लागू करें। साथ ही संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए केवल आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं की अनुमति दें।
बैठक में शामिल रहे ये अधिकारी
उप-राज्यपाल के सलाहकार फारूक खान, राजीव राय भटनागर बसीर अहमद खान, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, डीजीपी दिलबाग सिंह, अरुण कुमार मेहता वित्त आयुक्त-वित्त विभाग, वित्तीय आयुक्त-स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा, शालीन काबरा, सरकार के प्रधान सचिव-गृह विभाग के साथ ही अन्य अधिकारी मौजूद रहे।