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जम्मू-कश्मीर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की अमरनाथ जी यात्रा 2021 की समीक्षा बैठक
Tue, 05 Jan 2021 09:56 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 05 Jan 2021 09:56 PM IST
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
- फोटो : ANI
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ तीर्थ यात्रियों के लिए समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों के दुर्घटना बीमा में वृद्धि के साथ जीवन रक्षक एंबुलेंस की संख्या को दोगुना किया जाएगा। आपात मामलों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए सुसज्जित और पर्याप्त कर्मियों की संख्या वाले सीएचसी की स्थापना की जाएगी। उपराज्यपाल ने मंगलवार को सचिवालय में अमरनाथ यात्रा 2021 की तैयारियों की समीक्षा बैठक में कई दिशा-निर्देश जारी किए।
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उपराज्यपाल ने कहा कि वह तीर्थ यात्रियों के लिए व्यक्तिगत रूप से तैयारियों और जमीनी स्तर पर सुविधाओं की स्थापना की समीक्षा करेंगे। उन्होंने बोर्ड के सीईओ से यात्रा के दौरान पर्याप्त डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए पड़ोसी राज्यों से संपर्क करने को कहा। यात्रा में एनजीओ की ओर से भी डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाया जाता है।
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उपराज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों को सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे की मरम्मत के अलावा उपयोगिताओं को बेहतर बनाने का निर्देश दिया। श्री अमरनाथ यात्रियों के लिए उचित सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए अधिक गैर सरकारी संगठनों और धार्मिक संगठनों को व्यवस्था तंत्र में शामिल करने को कहा। उन्होंने यात्रा संबंधी अधिक से अधिक भाषाओं में सूचनात्मक सामग्री और पंफलेट के प्रसार पर जोर दिया।
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उपराज्यपाल ने अमरनाथ यात्रा के संचालन से संबंधित सभी पहलुओं की विस्तृत रिपोर्ट मांगी, जिसमें पवित्र गुफा, इलाका, आवास और तंबू सुविधाएं, चिकित्सा व्यवस्था, यात्रा की अवधि, मौसम की स्थिति, पंजीकरण प्रक्रिया, लंगर व्यवस्था शामिल है। उन्होंने विभिन्न लोगों की भूमिका और यात्रा के संचालन में उनके सक्रिय योगदान के बारे में जानकारी ली। बैठक में मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव व सीईओ नीतीश्वर कुमार, अतिरिक्त सीईओ अनूप सोनी मौजूद रहे।
2019 में पहले ही स्थगित की गई थी यात्रा
वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 और 35 ए को हटाने से पहले वार्षिक अमरनाथ यात्रा को अगस्त के शुरू में रोकना पड़ा था। आधिकारिक तौर पर इसे सुरक्षा से जोड़कर बताया गया था। कोरोना के चलते 2020 में जम्मू-कश्मीर में पाबंदियों के चलते आखिर तक यात्रा बंद रही थी। हालांकि, आखिर में विधिवत पूजा अर्चना की गई थी और इसका लाइव प्रसारण करवाया गया था। अमूमन अमरनाथ यात्रा जून के अंत या जुलाई के शुरू में शुरू होती है।