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Lok Sabha Election: जम्मू कश्मीर में गुलाम नबी पार्टी के तीन उम्मीदवारों सहित 90 % की जमानत जब्त
Thu, 06 Jun 2024 06:31 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 06 Jun 2024 06:31 PM IST
सार
जम्मू कश्मीर के मतदाताओं ने एक लोकसभा क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर अंतिम विजेता को निर्णायक जनादेश दिया। आंकड़ों से पता चला है कि मैदान में उतरे 100 उम्मीदवारों में से 89 की जमानत जब्त हो गई।
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लोकसभा चुनाव
- फोटो : बासित जरगर
विस्तार
जम्मू-कश्मीर की पांच लोकसभा सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे करीब 90 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में डाले गए वोटों का छठा हिस्सा भी हासिल नहीं कर पाए।
चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चला है कि मतदाताओं ने केंद्र शासित प्रदेश में एक लोकसभा क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर अंतिम विजेता को निर्णायक जनादेश दिया। आंकड़ों से पता चला है कि मैदान में उतरे 100 उम्मीदवारों में से 89 की जमानत जब्त हो गई।
बारामुला लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन जैसे राजनीतिक दिग्गजों को हराने वाले एक निर्दलीय उम्मीदवार शेख अब्दुल राशिद एकमात्र विजेता उम्मीदवार थे, जिन्हें कुल डाले गए वोटों का 50 प्रतिशत से भी कम वोट मिला, उनका वोट शेयर 45.70 प्रतिशत रहा।
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जम्मू-कश्मीर में बारामुला एकमात्र ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है, जहां तीसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार सज्जाद गनी लोन अपनी जमानत बचाने में सफल रहे। लोन को जमानत बचाने के लिए 16.34 प्रतिशत वोट की आवश्यकता के मुकाबले 16.76 प्रतिशत वोट मिले।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता आगाह रूहुल्लाह मेहदी को सबसे अधिक 52.85 प्रतिशत वोट मिले, जबकि जम्मू लोकसभा सीट से हैट्रिक बनाने वाले भाजपा के जुगल किशोर को 52.80 प्रतिशत वोट मिले।
उधमपुर में लगातार तीसरी बार जीतने वाले भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को 51.28 प्रतिशत वोट मिले, जबकि अनंतनाग-राजोरी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को हराने वाले नेकां के मियां अल्ताफ अहमद को 50.85 प्रतिशत वोट मिले।
गुलाम नबी पार्टी के तीनों उम्मीदवारों की जमानत जब्त
गुलाम नबी आजाद की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। उनके तीनों उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। उनकी पार्टी का कोई भी उम्मीदवार चार प्रतिशत वोट भी हासिल नहीं कर पाया।
उधमपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे गुलाम मोहम्मद सरूरी को 3.56 प्रतिशत वोट मिले, जबकि अनंतनाग-राजोरी में मोहम्मद सलीम पर्रे को 2.49 प्रतिशत और श्रीनगर में आमिर भट को 2.24 प्रतिशत वोट मिले। इन पांच निर्वाचन क्षेत्रों में सात महिलाएं मैदान में थीं और केवल पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ही अपनी जमानत बचाने में सफल रहीं।
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चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चला है कि मतदाताओं ने केंद्र शासित प्रदेश में एक लोकसभा क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर अंतिम विजेता को निर्णायक जनादेश दिया। आंकड़ों से पता चला है कि मैदान में उतरे 100 उम्मीदवारों में से 89 की जमानत जब्त हो गई।
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बारामुला लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन जैसे राजनीतिक दिग्गजों को हराने वाले एक निर्दलीय उम्मीदवार शेख अब्दुल राशिद एकमात्र विजेता उम्मीदवार थे, जिन्हें कुल डाले गए वोटों का 50 प्रतिशत से भी कम वोट मिला, उनका वोट शेयर 45.70 प्रतिशत रहा।
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जम्मू-कश्मीर में बारामुला एकमात्र ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है, जहां तीसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार सज्जाद गनी लोन अपनी जमानत बचाने में सफल रहे। लोन को जमानत बचाने के लिए 16.34 प्रतिशत वोट की आवश्यकता के मुकाबले 16.76 प्रतिशत वोट मिले।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता आगाह रूहुल्लाह मेहदी को सबसे अधिक 52.85 प्रतिशत वोट मिले, जबकि जम्मू लोकसभा सीट से हैट्रिक बनाने वाले भाजपा के जुगल किशोर को 52.80 प्रतिशत वोट मिले।
उधमपुर में लगातार तीसरी बार जीतने वाले भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को 51.28 प्रतिशत वोट मिले, जबकि अनंतनाग-राजोरी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को हराने वाले नेकां के मियां अल्ताफ अहमद को 50.85 प्रतिशत वोट मिले।
गुलाम नबी पार्टी के तीनों उम्मीदवारों की जमानत जब्त
गुलाम नबी आजाद की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। उनके तीनों उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। उनकी पार्टी का कोई भी उम्मीदवार चार प्रतिशत वोट भी हासिल नहीं कर पाया।
उधमपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे गुलाम मोहम्मद सरूरी को 3.56 प्रतिशत वोट मिले, जबकि अनंतनाग-राजोरी में मोहम्मद सलीम पर्रे को 2.49 प्रतिशत और श्रीनगर में आमिर भट को 2.24 प्रतिशत वोट मिले। इन पांच निर्वाचन क्षेत्रों में सात महिलाएं मैदान में थीं और केवल पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ही अपनी जमानत बचाने में सफल रहीं।