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जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट: केवल एफआईआर दर्ज होना पासपोर्ट जारी न करने का आधार नहीं
Tue, 29 Nov 2022 01:12 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 29 Nov 2022 01:12 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि नया पासपोर्ट तभी रोका जा सकता है, जब जांच के दौरान आरोप तय हो जाएं और मामला कोर्ट में विचाराधीन हो।
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jammu high court
विस्तार
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने एक याचिका में सुनवाई करते हुए कहा कि किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज है तो उसे नया पासपोर्ट जारी न करने का आधार नहीं बनाया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा, नया पासपोर्ट तभी रोका जा सकता है, जब जांच के दौरान आरोप तय हो जाएं और मामला कोर्ट में विचाराधीन हो।
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याची राजेश गुप्ता की दलीलों को स्वीकार करते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजीव कुमार ने कहा, महज एफआईआर दर्ज होना या फिर जांच एजेंसी के पास जांच लंबित होना यह आधार नहीं देते कि किसी को नया पासपोर्ट ही जारी न किया जाए।
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हाईकोर्ट ने कहा, इस मामले में तो सिर्फ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ली है, जबकि कोर्ट में कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। कोर्ट ने कहा, पासपोर्ट अधिनियम की धारा 6 की उप धारा (2) का क्लॉज (एफ) स्पष्ट करता है कि मुकदमा दर्ज होने पर जांच शुरू होना भर यह अधिकार नहीं देता कि किसी आवेदक को पासपोर्ट देने से इन्कार कर दिया जाए।
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