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जम्मू-कश्मीर: संवेदनशील संदेश भेजने से पहले सोचें, एक गलत मैसेज और आप होंगे जेल में
Fri, 23 Aug 2019 07:04 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 23 Aug 2019 07:04 PM IST
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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सोशल मीडिया पर गैरजिम्मेदाराना, भड़काऊ संदेश भेजना या फारवर्ड करना जेल की हवा खिला सकता है। जिला पुलिस की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला मजिस्ट्रेट कठुआ डॉ. राघव लंगर ने धारा 144 के तहत पाबंदियां लागू कर दी हैं।
सोशल मीडिया पर ऐसी गतिविधियों पर नजर, पकड़ बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया है कि सभी सोशल मीडिया एडमिन को अगले दो दिन के भीतर नजदीकी थाने में अपना ग्रुप पंजीकृत करवाना होगा।
हर वाट्स ऐप और फेसबुक ग्रुप एडमिन को किसी भी तरह की अफवाह, जिससे कानून व्यवस्था पर असर पड़े, ऐसी किसी भी गतिविधि को उसे नजदीकी पुलिस थाने में रिपोर्ट करना होगा। ग्रुप में पोस्ट किए गए किसी भी तरह के कंटेट की जिम्मेदारी ग्रुप एडमिन को लेनी होगी। साथ ही उसे ऐसे किसी भी कमेंट को तुरंत डिलीट भी करना होगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया है कि वाट्सऐप ग्रुप एडमिन को तत्काल ऑनली एडमिन कैन सेंड मेसेज पर ही अपने वाट्सएप ग्रुप की सेटिंग करनी होगी, जो 21 अक्टूबर तक लागू रहेगी। आदेश की अवहेलना पर आरपीसी की धारा 188 के साथ साथ आईटी एक्ट 2000 और केवल टेलीवीजन नेटवर्क रेग्यूलेशन एक्ट 1995 के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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सोशल मीडिया पर ऐसी गतिविधियों पर नजर, पकड़ बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया है कि सभी सोशल मीडिया एडमिन को अगले दो दिन के भीतर नजदीकी थाने में अपना ग्रुप पंजीकृत करवाना होगा।
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KATHUA: Each WhatsApp group admin shall immediately enable message uploading status to ‘only admins can send messages’ from today for two months till October 21, the order by District Magistrate said https://t.co/Zpvkj0MYqH
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 23, 2019
हर वाट्स ऐप और फेसबुक ग्रुप एडमिन को किसी भी तरह की अफवाह, जिससे कानून व्यवस्था पर असर पड़े, ऐसी किसी भी गतिविधि को उसे नजदीकी पुलिस थाने में रिपोर्ट करना होगा। ग्रुप में पोस्ट किए गए किसी भी तरह के कंटेट की जिम्मेदारी ग्रुप एडमिन को लेनी होगी। साथ ही उसे ऐसे किसी भी कमेंट को तुरंत डिलीट भी करना होगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया है कि वाट्सऐप ग्रुप एडमिन को तत्काल ऑनली एडमिन कैन सेंड मेसेज पर ही अपने वाट्सएप ग्रुप की सेटिंग करनी होगी, जो 21 अक्टूबर तक लागू रहेगी। आदेश की अवहेलना पर आरपीसी की धारा 188 के साथ साथ आईटी एक्ट 2000 और केवल टेलीवीजन नेटवर्क रेग्यूलेशन एक्ट 1995 के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।