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लड़कियों के लिए मौत की होम डिलीवरी

Mon, 09 Mar 2015 01:10 PM IST
Updated Mon, 09 Mar 2015 01:10 PM IST
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jammu kashmir girls also drug addicted

शहर में नशे का कारोबार अब बेटियों तक पहुंच गया है। नशीली दवाइयों से शुरू हुई नशे की लत अब कोकीन, हेरोइन और ब्राउन शुगर जैसे महंगे और बड़े नशे तक पहुंच गई है।

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पढ़ी-लिखी और बड़े घरों की लड़कियां भी इसकी चपेट में आ रही हैं। बाहरी राज्यों से चलने वाला कारोबार शहर के पाश इलाके को चपेट में ले रहा है। बाइक सवार गैंग इस कारोबार को चला रहा है, जो घरों तक सप्लाई कर रहा है।
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शहर के पाश इलाकों को निशाना इसलिए बनाया जा रहा है, क्योंकि यहां से मोटी कमाई हो जाती है। पिछले दिनों पुलिस ने इसे लेकर मुहिम शुरू की थी, जो रैलियों तक ही सीमित रह गई।
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दरअसल, बाइक से मादक पदार्थों की सप्लाई आसानी से हो जाती है। पिछले दो महीनों में हेरोइन, ब्राउन शुगर और कोकीन की सप्लाई करते हुए 10 से अधिक लोगों को पकड़ा गया है।

इन सभी को बाइक पर ही पकड़ा गया। इनमें किश्तवाड़, श्रीनगर, अनंतनाग और बाहरी राज्यों के युवक शामिल हैं।

व्हाट्सएप से हो रहा नशे का कारोबार

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शहर के गांधी नगर, ज्यूल, छन्नी, सैनिक कालोनी, पुराने शहर, त्रिकुटा नगर, तालाब तिल्लो, जानीपुर इलाके में कोकीन और ब्राउन शुगर का कारोबार सबसे अधिक हो रहा है।

सबसे अधिक प्रभावित इलाका गांधी नगर है। स्कूलों, कालेजों, होस्टलों और पेइंग गेस्ट में रहने वाली पढ़ने-लिखने वाली युवतियों को नशे का सामान परोसा जा रहा है।

सभी इलाकों में बाइक सवार गैंग सक्रिय है, जो मोबाइल पर संपर्क कर सप्लाई कर रहा है। गैंग में बाहरी राज्यों के साथ डोडा, किश्तवाड़, श्रीनगर, शोपियां, अनंतनाग जैसे जिलों के युवक भी शामिल हैं।

सप्लाई करने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए गए हैं। यहां पर सप्लाई के लिए बाकायदा कोड वर्ड रखे गए हैं। डबल, चिट्टा, छल्ली, माल, स्पेयर पार्ट आदि कोड वर्ड से नशे की आपूर्ति हो रही है।

दिव्या मामले ने खोली थी पोल

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पुलिस की कार्रवाई सिर्फ आरोपियों को पकड़ कर चालान पेश करने तक सीमित है। चालान के बाद वह कोर्ट से जमानत लेकर छूट जाता है। इसके बाद फिर से वह इसी कारोबार में जुट जाता है।

छह महीने में पुलिस ने 50 से अधिक लोगों को पकड़ा और कोर्ट में चालान पेश किया। सिर्फ एक मामले में ही पुलिस ने तह तक जाने की कोशिश की। यहां एक बाहरी राज्य के बड़े कारोबारी का नाम भी सामने आया।

करीब चार महीने पहले दिव्या मन्हास मामले ने इसकी पोल खोली थी। शहर के त्रिकुटा नगर इलाके में दिव्या की मौत का मामला सामने आया था। उसकी मौत नशे की ओवरडोज से हुई थी।

ओवरडोज देने में दो युवकों के नाम सामने आए। शहर के कच्ची छावनी इलाके में भी दो लड़कियों ने नशा करने के बाद बवाल किया था।

नशे का कारोबार करने वाले किंगपिन पकड़े जा रहे हैं। अभी भी कई जेलों में बंद हैं। यदि कहीं पर कोई लड़की नशा करते हुए देखी जाती है तो उसी वक्त पुलिस को सूचित करने पर कार्रवाई हो सकती है।
-शकील बेग, डीआईजी

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