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पीडीपी के गढ़ दक्षिणी कश्मीर में लगा सेंध, पूर्व मंत्री मोहम्मद खलील ने दिया इस्तीफा

Wed, 17 Jul 2019 02:07 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Wed, 17 Jul 2019 02:07 PM IST
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jammu kashmir: former pdp minister khalil bandh resigns from mehbooba mufti party
पूर्व मंत्री व पुलवामा से विधायक मोहम्मद खलील बंद - फोटो : फाइल, अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार गिरने के साल भर के भीतर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नींव धीरे-धीरे दरक रही है। लोकसभा चुनाव में हार का स्वाद चख चुकीं महबूबा मुफ्ती को अब अपना पीडीपी रूपी किला संभालना मुश्किल हो रहा है। आधा दर्जन से अधिक पूर्व मंत्रियों व पूर्व विधायकों के पार्टी से किनारा करने के बाद अब संस्थापक सदस्य खलील बंड ने भी अलविदा कह दिया। पार्टी के 20वें स्थापना दिवस (28 जुलाई) से दस दिन पहले दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के पूर्व विधायक खलील बंड के पार्टी छोड़ने से पीडीपी को गहरा झटका लगा है। 
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पीडीपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि ऐसे ही पार्टी से एक-एक कर नेताओं के जाने का सिलसिला जारी रहा तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। दक्षिणी कश्मीर पीडीपी का गढ़ रहा है। यहां के अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा व कुलगाम में पार्टी के एक दर्जन विधायक जीते थे। 
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पुलवामा के राजपोरा से विधायक रहे तथा पार्टी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद के करीबी डॉ. हसीब द्राबू ने लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़कर दक्षिणी कश्मीर में सबसे पहले पार्टी को झटका दिया। इसके बाद अब पुलवामा के विधायक खलील बंड के इस्तीफे ने संगठन को सोचने पर मजबूर कर दिया है। पिछले चुनाव में कोकरनाग से अब्दुल रहीम राथर, डोरू से फारूक अंद्राबी, नूराबाद से अब्दुल मजीद पाडर, वाचि से एजाज मीर, शोपियां से एडवोकेट युसूफ, पांपोर से जहूर मीर, अनंतनाग से महबूबा मुफ्ती तथा बिजबिहाड़ा से अब्दुल रहमान वीरी विधानसभा में पहुंचे थे। 
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रुठे लोगों को मनाने की कोशिशें नहीं ला रही रंग
सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की हुई बैठक में यह तय किया गया था कि जो लोग पार्टी से रुठकर किन्हीं कारणों से किनारा कर लिए हैं उन्हें दोबारा से पीडीपी से जोड़ने की कोशिश की जाए। हालांकि, यह कोशिशें रंग नहीं ला पाईं। कोई भी फिर से पीडीपी से जुड़ने को तैयार नहीं दिख रहा। ऐसे में कश्मीर में पार्टी के लिए रोजाना मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। 

कुछ और लोग भी समय की तलाश में
सूत्रों का कहना है कि स्थापना दिवस से पहले कुछ और लोगों के भी इस्तीफे हो सकते हैं। कुछ और कद्दावर लोग असंतुष्ट चल रहे हैं। वे समय की तलाश में है। सूत्र यह भी बताते हैं कि पूर्व सांसद रहे मुजफ्फर हुसैन बेग तथा सज्जाद मुफ्ती भी नाराज चल रहे हैं। हालांकि, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। 


इन लोगों ने किया है पार्टी से किनारा
पार्टी से पूर्व मंत्री बशारत बुखारी, अल्ताफ बुखारी, इमरान रजा अंसारी व जावेद मुस्तफा मीर तथा पूर्व विधायक आबिद अंसारी ने किनारा कसा है। यह सारे लोग पार्टी के क द्दावर नेता माने जाते रहे हैं। 
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