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पहली बार ट्रकों में मवेशी लेकर घाटी पहुंचेंगे 30 हजार खानाबदोश
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जम्मू। हर साल कश्मीर का रुख करने वाले गुज्जर-बक्करवालों के कई परिवार इस बार सड़कों पर दरबदर नहीं होंगे। पहली बार इनके सामान को कश्मीर पहुंचाने के लिए सरकारी वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। जनजातीय मामलों के विभाग ने राज्य परिवहन के जरिए 40 ट्रकों को खरीदा है। इन ट्रकों के माध्यम से जनजातीय समुदाय के 30 हजार परिवार अपने सामान को ट्रकों के जरिए कश्मीर पहुंचा सकेंगे। इसके पहले यह लोग अपना सामान घोड़ों के माध्यम से भेजते थे। जबकि इनकी पैदल यात्रा से राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की स्थिति बनी जाती थी। लंबे समय से इन लोगों ने मांगी की थी कि इनका सामान वाहनों में भेजा जाए।
जनजातीय मामलों के विभाग के सचिव डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा है कि यह पहल खानाबदोशों द्वारा उठाई जाने वाली कठिनाइयों को कम किया जाएगा। प्रदेश के इतिहास में पहली बार है कि आदिवासियों के पशुओं को ट्रकों में उच्च भूमि वाले चरागाहों में ले जाया जा रहा है। उक्त समुदाय की ओर से लगातार मांग की जा रही थी कि ट्रैफिक जाम और अन्य बाधाओं के कारण उन्हें प्रवास के दौरान काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और उनकी यात्रा को आसान बनाने के लिए उन्हें कुछ परिवहन साधन प्रदान किया जाना चाहिए। देखा गया है कि कभी-कभी खराब मौसम की स्थिति के कारण जनजातीय परिवारों को पशुधन और अन्य क्षतियों का भारी नुकसान होता था। इन वाहनों की मदद से यह लोग यहां कश्मीर में एक महीने में पहुंचते थे, वहीं अब एक दो दिन में ही पहुंचे जाएंगे। यह यातायात के सुचारू प्रबंधन में भी मदद करेगा। इन ट्रकों को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और मुगल रोड दोनों पर तैनात किया गया है। 100 फीसदी परिवारों का कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा इस वर्ष अधिक ट्रक शामिल किए जा रहे हैं।
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जनजातीय मामलों के विभाग के सचिव डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा है कि यह पहल खानाबदोशों द्वारा उठाई जाने वाली कठिनाइयों को कम किया जाएगा। प्रदेश के इतिहास में पहली बार है कि आदिवासियों के पशुओं को ट्रकों में उच्च भूमि वाले चरागाहों में ले जाया जा रहा है। उक्त समुदाय की ओर से लगातार मांग की जा रही थी कि ट्रैफिक जाम और अन्य बाधाओं के कारण उन्हें प्रवास के दौरान काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और उनकी यात्रा को आसान बनाने के लिए उन्हें कुछ परिवहन साधन प्रदान किया जाना चाहिए। देखा गया है कि कभी-कभी खराब मौसम की स्थिति के कारण जनजातीय परिवारों को पशुधन और अन्य क्षतियों का भारी नुकसान होता था। इन वाहनों की मदद से यह लोग यहां कश्मीर में एक महीने में पहुंचते थे, वहीं अब एक दो दिन में ही पहुंचे जाएंगे। यह यातायात के सुचारू प्रबंधन में भी मदद करेगा। इन ट्रकों को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और मुगल रोड दोनों पर तैनात किया गया है। 100 फीसदी परिवारों का कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा इस वर्ष अधिक ट्रक शामिल किए जा रहे हैं।
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