Jammu Kashmir Exit Poll: जम्मू कश्मीर की पांचों सीटों के एग्जिट पोल, देखें किसे मिल रही जीत, कौन बनेगा सांसद
Jammu Kashmir Ladakh Lok Sabha Exit Poll 2024: जम्मू कश्मीर की पांच लोकसभा सीटों पर इस बार खूब मतदान हुआ है। 35 वर्षों के बाद सबसे अधिक 58.46 फीसदी वोटिंग हुई। शनिवार को सातवें और अंतिम चरण का मतदान संपन्न हो गया है। अब चार जून को मतगणना होगी। आज एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ गए हैं।
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मतदान खत्म होने के बाद साढ़े छह से सभी सीटों के एग्जिट पोल सामने आना शुरू हो गए हैं। जम्मू कश्मीर की पांच सीटों की बात करें तो टाइम्स नाउ के एग्जिट पोल ने बताया है कि जम्मू कश्मीर में भाजपा- 2, कांग्रेस-नेकां- 2-3 और पीडीपी- 1 सीट पर जीत सकती है।
कितना सटीक रहा था 2019 का एग्जिट पोल
जम्मू-कश्मीर में पांच लोकसभा सीटों पर पिछले 35 वर्षों के बाद इस बार सबसे अधिक 58.46 फीसदी मतदान हुआ। यह 2019 की तुलना से 30 प्रतिशत अधिक है। मतदान के बाद अब राजनीतिक दलों तथा प्रत्याशियों की ओर से जीत-हार का गुणा-गणित शुरू हो गया है। इसी बीच 2019 के एग्जिट पोल की बात करें तो यह काफी सटीक रहा था।
जम्मू कश्मीर के 2019 के आजतक के एग्जिट पोल ने भाजपा- 2-3, कांग्रेस- 0-1, पीडीपी- 0-0 और नेकां- 2-3 सीट जीतने की बात कही थी। यह अनुमान जीत के काफी रहा था। वहीं, इंडिया टीवी के 2019 एग्जिट पोल में जम्मू कश्मीर में भाजपा- 2, नेकां- 3 और कांग्रेस-1 सीट जीतती दिखी थी। हालांकि चुनाव के परिणाम में कांग्रेस के हाथ निराशा ही लगी थी। 2019 के एबीपी के जम्मू कश्मीर के लिए किए गए एग्जिट पोल की बात करें तो भाजपा- 2, कांग्रेस- 0, नेकां- 2 और पीडीपी- 2 सीट दी गई थी। हालांकि चुनाव के रिजल्ट में पीडीपी के हाथ खाली रहे थे।
2019 में जम्मू कश्मीर के लोकसभा चुनाव में किसे मिली थी जीत
2019 में जम्मू कश्मीर में लद्दाख भी शामिल था। यहां लोकसभा की कुल छह सीटें थीं। 2019 में भाजपा ने तीन और नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने तीन सीटों पर कब्जा जमाया था। भाजपा ने जम्मू, उधमपुर और लद्दाख सीट पर भगवा लहराया था। वहीं, कश्मीर घाटी की तीन सीटें- बारामुला, श्रीनगर, अनंतनाग पर नेकां ने अपने चुनाव निशान हल का परचम लहराया था।
एग्जिट पोल क्या होता है
एग्जिट पोल एक तरह का चुनावी सर्वे होता है। मतदान वाले दिन जब मतदाता वोट देकर पोलिंग बूथ से बाहर निकलता है तो वहां अलग-अलग सर्वे एजेंसी और न्यूज चैनल के लोग मौजूद होते हैं। वह मतदाता से वोटिंग को लेकर सवाल पूछते हैं। इसमें उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसको वोट दिया है? इस तरह से हर विधानसभा के अलग-अलग पोलिंग बूथ से वोटर्स से सवाल पूछा जाता है।
मतदान खत्म होने तक ऐसे सवाल बड़ी संख्या में आंकड़े एकत्र हो जाते हैं। इन आंकड़ों को जुटाकर और उनके उत्तर के हिसाब से अंदाजा लगाया जाता है कि पब्लिक का मूड किस ओर है? मैथमेटिकल मॉडल के आधार पर ये निकाला जाता है कि कौन सी पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? इसका प्रसारण मतदान खत्म होने के बाद ही किया जाता है।