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दुबई के बाद जापान व यूएस भी जम्मू-कश्मीर में निवेश को तैयार
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए दुबई के बाद अब जापान और अमेरिका भी निवेश के लिए तैयार हो गया है। दोनों देशों ने जम्मू-कश्मीर में अस्पताल, होटल, एग्रो प्रोसेसिंग उद्योग, बागवानी और सॉफ्टवेयर विकास में निवेश का रुझान दिखाया है। इन विदेशी निवेशकों से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले 2-3 माह में इनके साथ भी एमओयू साइन कर विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रदेश प्रशासन ने हाल ही में दुबई सरकार से एमओयू साइन किया है। इसमें बागवानी, कृषि, हस्तशिल्प आदि उत्पादों के देश-दुनिया में निर्यात के लिए रास्ता खोला गया है। इस उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर को अन्य देशों से सीधे जोड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा और बंदरगाहों का विस्तार किया जाएगा। इस कड़ी में श्रीनगर एयरपोर्ट से शारजाह के लिए 23 अक्तूबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू की जा रही है। जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों से 30 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक प्रस्ताव आ चुके हैं और मार्च, 2022 तक इस आंकड़े को 50 हजार करोड़ पहुंचाने का लक्ष्य है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने निवेशकों के निवेश की सरल प्रक्रिया के लिए जम्मू-कश्मीर औद्योगिक भूमि आवंटन नीति 2021-30 में संशोधन भी किया है। जम्मू-कश्मीर को मेडिसिटी हब बनाने के लिए भी काम किया जा रहा है। श्रीनगर के सेमपोरा क्षेत्र में एक कंपनी ने 500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। जम्मू-कश्मीर सरकार में औद्योगिक विकास के लिए सरकार की ओर से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को 25 हजार कनाल भूमि हस्तांतरित की जा चुकी है, जिसमें जम्मू संभाग में 17 हजार कनाल जमीन है।
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प्रदेश नई औद्योगिक क्रांति की ओर : प्रमुख सचिव
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख सचिव रंजन प्रकाश ठाकुर का कहना है कि जम्मू-कश्मीर को नई औद्योगिक क्रांति की ओर आगे बढ़ाया जा रहा है। देशभर की विभिन्न कंपनियों ने निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। जापान और यूएस ने रुझान दिखाया है, जिससे लगातार बात चल रही है। निवेशकों के लिए संबंधित प्रक्रिया को सरकार ने सरल बनाया है।
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प्रदेश प्रशासन ने हाल ही में दुबई सरकार से एमओयू साइन किया है। इसमें बागवानी, कृषि, हस्तशिल्प आदि उत्पादों के देश-दुनिया में निर्यात के लिए रास्ता खोला गया है। इस उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर को अन्य देशों से सीधे जोड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा और बंदरगाहों का विस्तार किया जाएगा। इस कड़ी में श्रीनगर एयरपोर्ट से शारजाह के लिए 23 अक्तूबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू की जा रही है। जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों से 30 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक प्रस्ताव आ चुके हैं और मार्च, 2022 तक इस आंकड़े को 50 हजार करोड़ पहुंचाने का लक्ष्य है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने निवेशकों के निवेश की सरल प्रक्रिया के लिए जम्मू-कश्मीर औद्योगिक भूमि आवंटन नीति 2021-30 में संशोधन भी किया है। जम्मू-कश्मीर को मेडिसिटी हब बनाने के लिए भी काम किया जा रहा है। श्रीनगर के सेमपोरा क्षेत्र में एक कंपनी ने 500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। जम्मू-कश्मीर सरकार में औद्योगिक विकास के लिए सरकार की ओर से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को 25 हजार कनाल भूमि हस्तांतरित की जा चुकी है, जिसमें जम्मू संभाग में 17 हजार कनाल जमीन है।
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प्रदेश नई औद्योगिक क्रांति की ओर : प्रमुख सचिव
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख सचिव रंजन प्रकाश ठाकुर का कहना है कि जम्मू-कश्मीर को नई औद्योगिक क्रांति की ओर आगे बढ़ाया जा रहा है। देशभर की विभिन्न कंपनियों ने निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। जापान और यूएस ने रुझान दिखाया है, जिससे लगातार बात चल रही है। निवेशकों के लिए संबंधित प्रक्रिया को सरकार ने सरल बनाया है।
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