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निर्मल सिंह के घर को तोड़ने के आदेश पर 25 तक रोक
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निर्मल सिंह के घर को तोड़ने
के आदेश पर 25 तक रोक
जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्पेशल ट्रिब्यूनल ने पूर्व डिप्टी सीएम निर्मल सिंह नगरोटा स्थित घर को तोड़ने के आदेश पर 25 फरवरी तक रोक लगा दी है। न्यायाधीश राजेश सेखरी ने अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है। अधिवक्ता मुजफ्फर अली शाह ने कहा कि जेडीए को मामले में कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया गया है, जेडीए दोहरे मापदंड अपना रहा है।
अधिवक्ता ने कहा कि जेडीए कथित वीवीआईपी उल्लंघनकर्ता के साथ मिलीभगत कर रहा है और उल्लंघनकर्ता के अवैध कृत्यों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि अपीलकर्ता ममता सिंह ने कानून का उल्लंघन किया है। उनके पति उपमुख्यमंत्री पद पर थे और जेडीए के निदेशक मंडल के भी अध्यक्ष रहे हैं। जेडीए हाई प्रोफाइल उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से हिचक रहा था।
याचिकाकर्ता ममता सिंह की ओर से पेश अधिवक्ता राहुल सदोत्रा और जुगल किशोर गुप्ता ने जवाब दिया कि अपीलकर्ता अभियोग की मांग करने वाले आवेदक के खिलाफ किसी भी राहत का दावा नहीं कर रहा है।
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उन्होंने तर्क दिया कि आवेदक के अभियोग के परिणामस्वरूप मीडिया ट्रायल होना चाहिए। मीडिया मामले में सभी कार्यवाही की रिपोर्ट कर रहा है। कोर्ट ने तमाम दलीले सुनने के बाद अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। - जेएनएफ
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के आदेश पर 25 तक रोक
जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्पेशल ट्रिब्यूनल ने पूर्व डिप्टी सीएम निर्मल सिंह नगरोटा स्थित घर को तोड़ने के आदेश पर 25 फरवरी तक रोक लगा दी है। न्यायाधीश राजेश सेखरी ने अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है। अधिवक्ता मुजफ्फर अली शाह ने कहा कि जेडीए को मामले में कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया गया है, जेडीए दोहरे मापदंड अपना रहा है।
अधिवक्ता ने कहा कि जेडीए कथित वीवीआईपी उल्लंघनकर्ता के साथ मिलीभगत कर रहा है और उल्लंघनकर्ता के अवैध कृत्यों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि अपीलकर्ता ममता सिंह ने कानून का उल्लंघन किया है। उनके पति उपमुख्यमंत्री पद पर थे और जेडीए के निदेशक मंडल के भी अध्यक्ष रहे हैं। जेडीए हाई प्रोफाइल उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से हिचक रहा था।
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याचिकाकर्ता ममता सिंह की ओर से पेश अधिवक्ता राहुल सदोत्रा और जुगल किशोर गुप्ता ने जवाब दिया कि अपीलकर्ता अभियोग की मांग करने वाले आवेदक के खिलाफ किसी भी राहत का दावा नहीं कर रहा है।
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उन्होंने तर्क दिया कि आवेदक के अभियोग के परिणामस्वरूप मीडिया ट्रायल होना चाहिए। मीडिया मामले में सभी कार्यवाही की रिपोर्ट कर रहा है। कोर्ट ने तमाम दलीले सुनने के बाद अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। - जेएनएफ