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Jammu Kashmir: देश की पहली कार्बन न्यूट्रल पंचायत बदहाल, 1500 सोलर पैनल के आसपास दलदल, मोदी ने किया था शुभारंभ

Mon, 10 Oct 2022 02:32 AM IST
विमल शर्मा राजीव सिंह लंगेह, बाड़ी ब्राह्मणा (सांबा)
राजीव सिंह लंगेह, बाड़ी ब्राह्मणा (सांबा) Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 10 Oct 2022 02:32 AM IST
सार

प्रधानमंत्री ने 23 अप्रैल को पल्ली आकर सोलर प्लांट का लोकार्पण किया था। सोलर प्लांट को रिकॉर्ड समय में तैयार करने वाली दिल्ली से आई टीम भी प्रधानमंत्री के दौरे के कुछ दिन बाद लौट गई। दो सप्ताह के लिए प्लांट की देखरेख के लिए एक व्यक्ति को काम सौंपा गया, लेकिन उसके बाद से प्लांट की देखरेख नहीं हो रही।

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jammu kashmir: Country first carbon-neutral panchayat is in disrepair, swamps around 1500 solar panels
Carbon Neutral Panchayat Palli - फोटो : संवाद

विस्तार

करीब छह माह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पल्ली को देश की पहली कार्बन न्यूट्रल पंचायत का दर्जा और 500 केवी क्षमता का सोलर प्लांट दे गए थे। पंचायत को सौर ऊर्जा से चौबीसों घंटे बिजली देने के लिए 2.75 करोड़ रुपये की लागत से 1500 सोलर पैनल लगाए गए।

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वर्तमान में परियोजना की देखरेख के लिए एक अदद कर्मचारी भी नहीं है। पानी निकासी का इंतजाम नहीं किया गया, जिससे 6408 वर्ग मीटर क्षेत्र में लगे सोलर पैनल के आसपास दलदल जैसे हालात हैं। पूरे क्षेत्र में पानी जमा है।
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बड़ी-बड़ी घास भी पैनल के ऊपर तक पहुंच गई है। पल्ली पंचायत को पर्यटन से जोड़ने की भी योजना थी, लेकिन आज के हालात में प्रधानमंत्री आ जाएं तो वे भी इस सौगात को पहचान नहीं पाएंगे।
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प्रधानमंत्री ने 23 अप्रैल को पल्ली आकर सोलर प्लांट का लोकार्पण किया था। सोलर प्लांट को रिकॉर्ड समय में तैयार करने वाली दिल्ली से आई टीम भी प्रधानमंत्री के दौरे के कुछ दिन बाद लौट गई। दो सप्ताह के लिए प्लांट की देखरेख के लिए एक व्यक्ति को काम सौंपा गया, लेकिन उसके बाद से प्लांट की देखरेख नहीं हो रही।

वर्तमान में यहां पानी निकासी के इंतजाम नहीं है। बरसात का पानी पूरे इलाके में जमा है। कहीं तालाब जैसे हालात हैं तो कहीं दलदल। जम्मू-कश्मीर एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (जेकेडा) के एक अधिकारी ने बताया कि पीएम दौरे में एजेंसी को केवल एक डॉक्यूमेंट्री तैयार करने के लिए बोला गया था।

रखरखाव को लेकर जेकेडा से कोई बात नहीं की गई है। केंद्र की टीम ही प्लांट के तकनीकी पहलुओं को देखती है। प्लांट की देखरेख के लिए कर्मचारी रखना भी उसी का जिम्मा है।  

अभी तक किसी कर्मचारी की नियुक्ति सोलर प्लांट की देखरेख के लिए नहीं की गई है। न ही सोलर प्लांट किसी विभाग को अभी तक हैंड ओवर किया गया है। जब भी कोई तकनीकी खराबी होती है तो दिल्ली की टीम ही इसे दुरुस्त कराती है। - रणधीर शर्मा, सरपंच पल्ली

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