फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir: Class VI to VIII students to go to school without bags for 10 days in year

जम्मू कश्मीर: प्रदेश में कक्षा छठी से आठवीं के विद्यार्थी साल में 10 दिन बिना बैग के जाएंगे स्कूल

Wed, 12 Apr 2023 11:29 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 12 Apr 2023 11:29 AM IST
सार

राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए सिलेबस सह अकादमिक कैलेंडर जारी किया है

विज्ञापन
Jammu Kashmir: Class VI to VIII students to go to school without bags for 10 days in year
school (File) - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में अब कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को सालभर में दस दिन बिना बैग के स्कूल आना होगा। सिलेबस सह अकादमिक कैलेंडर के तहत हर दिन बच्चे की दिलचस्पी के तहत गतिविधियां होगी। पेंटिंग, पोटोग्राफी, खाना बनाना, स्कूल में बागबानी, खेल, कॉलेज, विश्वविद्यालय सहित बड़े शैक्षणिक संस्थानों का दौरा जैसे गतिविधियां इसमें शामिल होंगी। इसके साथ विशेष दिनों पर स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे।

विज्ञापन


राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए सिलेबस सह अकादमिक कैलेंडर जारी किया है। एससीईआरटी द्वारा विकसित और डिजाइन कैलेंडर मूलभूत चरण और कक्षा 1 से 8 तक के लिए लागू होगा। एनसीईआरटी के दिशा निर्देशों और नई शिक्षा नीति के तहत तैयार कैलेंडर के लागू होने से अब दशकों से सफलता का पैमाना मानी जाने वाली शैक्षणिक उत्कृष्टता की परिभाषा बदल जाएगी। बच्चों के समावेशी विकास के साथ उनमें आलोचनात्मक सोच जैसे उच्च स्तर के कौशल को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन


चार महीने के प्रयास के बाद कोर्स तैयार, जम्मू कश्मीर बना पहला केंद्र शासित प्रदेश

एनसीईआरटी और एससीईआरटी के विशेषज्ञों द्वारा चार महीने के प्रयास के बाद नया पाठ्यक्रम तैयार किया है। ये जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की निर्धारित पाठ्यपुस्तकों की सामग्री के साथ सीखने के परिणामों को मैप करता है। इस तरह का व्यापक दस्तावेज बनाने वाला जम्मू-कश्मीर पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। पाठ्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को योग्यता-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ाना है। पाठ्यक्रम, समावेशी शिक्षा के महत्व पर जोर देने के साथ शिक्षकों को समावेशी कक्षा वातावरण बनाने के लिए ज्ञान और कौशल प्रदान करता है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए ये पाठ्यक्रम शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed