जम्मू-कश्मीर: सीबीआई ने शुरू की पूर्व राज्यपाल मलिक को रिश्वत देने वाली पेशकश की जांच,जल्द की जा सकती है पूछताछ
जम्मू-कश्मीर के अंतिम राज्यपाल मलिक ने पिछले साल अक्टूबर में दावा किया था कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें अंबानी और एक अन्य से संबंधित एक फाइल को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। वर्तमान में मेघालय के राज्यपाल मलिक ने कहा था कि उन्होंने सौदों को रद्द कर दिया था। इस मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है।
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केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा लगाए गए रिश्वत की पेशकश करने संबंधी आरोपों की जांच शुरू कर दी है। मलिक ने कहा था कि उन्हें पद पर रहते हुए दो फाइलों को साफ करने के लिए रिश्वत की पेशकश की गई थी। 25 मार्च को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा था कि सीबीआई को मलिक के आरोपों की जांच कर सब कुछ स्पष्ट करने की सहमति दी गई है।
जांच के दौरान मलिक से भी पूछताछ किए जाने की संभावना
अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान मलिक से भी पूछताछ किए जाने की संभावना है क्योंकि आरोप लगाने से पहले उन्होंने फाइल पर हस्ताक्षर किए थे। अगस्त 2019 में तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने से पहले जम्मू - कश्मीर के अंतिम राज्यपाल मलिक ने पिछले साल अक्टूबर में दावा किया था कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें अंबानी और एक अन्य से संबंधित एक फ़ाइल को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।
सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है
वर्तमान में मेघालय के राज्यपाल मलिक ने कहा था कि उन्होंने सौदों को रद्द कर दिया था। बाद में मुलाकाता के दौरान प्रधानमंत्री ने उनके फैसले का समर्थन करते हुए कहा था कि उन्हें भ्रष्टाचार पर समझौता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है और आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
डेढ़ सौ करोड़ की पेशकश की गई थी
मलिक ने पिछले साल अपने आरोप में कहा था कि उन्हें दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 150 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी, जिनमें से एक अंबानी से संबंधित थी और दूसरी पिछली महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली (पीडीपी-भाजपा गठबंधन) सरकार में एक पूर्व मंत्री को दी गई थी। उस मंत्री को पीएम का बहुत करीबी बताया गया था।