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भाजपा ने तरेरी आंखें, कैबिनेट की बैठक में पीडीपी के फैसलों पर जताया विरोध

Tue, 20 Mar 2018 09:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Tue, 20 Mar 2018 09:56 PM IST
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 jammu kashmir- bjp objects on pdp decision in cabinet meeting
Nirmal Singh and Mehbooba Mufti

रियासती सरकार में सहयोगी भाजपा ने आंखें तरेरते हुए पीडीपी के फैसलों पर  राज्य कैबिनेट की बैठक में विरोध दर्ज कराया है। तमाम फैसलों के चलते लगातार हो रही किरकिरी तथा लोगों के आक्रोश से असहज पार्टी के मंत्रियों ने पुरजोर तरीके से इन फैसलों को उठाते हुए आपत्ति दर्ज कराई।

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पार्टी ने साफ-साफ कहा कि फैसले लेने से पहले भाजपा को भी विश्वास में लिया जाना चाहिए। क्योंकि पीडीपी फैसले तो ले लेती है, लेकिन उसका असर तथा लोगों की नाराजगी पार्टी को झेलनी पड़ती है। सूत्रों के अनुसार बैठक में पीडीपी कोटे के मंत्री जुल्फकार भाजपा मंत्रियों के निशाने पर रहे। उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह के नेतृत्व में पार्टी के मंत्रियों ने जनजातीय मामलों के मिनट्स में हेरफेर का मामला उठाया।
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कहा कि जब भाजपा के राज्य मंत्री ने लिखित रूप में आपत्ति दर्ज कराई है कि बैठक में इस प्रकार का कोई फैसला नहीं किया गया है तो इस पर क्या कार्रवाई हुई। मिनट्स जारी करने के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। अब तक मिनट्स क्यों नहीं रद्द किया गया। यदि मिनट्स रद्द नहीं हुए तो कब तक रद्द होंगे। मिनट्स में हेरफेर के लिए पीडीपी के एक कैबिनेट मंत्री की ओर इशारा भी किया गया।
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सूत्रों ने बताया कि कोटरंका में एडीसी बैठाने के फैसले पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई। कहा गया कि पीडीपी कोटे के कैबिनेट मंत्री के यहां कोटरंका में एडीसी बैठा दिया गया तो फिर भाजपा कोटे के मंत्री के यहां कालाकोट में भी यह व्यवस्था करनी चाहिए थी। कोटरंका में एडीसी बैठाने से पहले फैसले की जानकारी तक नहीं दी गई। अब मामला भड़क गया है। 

राममाधव ने दी थी चेतावनी

 jammu kashmir- bjp objects on pdp decision in cabinet meeting
बैठक में रसाना मामले पर भाजपा मंत्रियों का कहना था कि इसकी जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सामने आना चाहिए। यह किसी मजहब से जुड़ा मामला नहीं है। बल्कि इसकी जांच निष्पक्ष तथा पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। सूत्रों ने बताया कि बैठक में यह आश्वस्त किया गया कि किसी भी फैसले में सहयोगी पार्टनर को विश्वास में लिया जाएगा। ऐसी कोई मंशा नहीं है कि भाजपा को इससे दूर रखा जाए। 

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने गत शुक्रवार को अपने दो दिनी दौरे में इन सब मुद्दों को लेकर भाजपा मंत्रियों की क्लास ली थी। उन्होंने मंत्रियों से कहा था कि जिले की मांग उचित है। इसके लिए भाजपा मंत्रियों को सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।

कठुआ के रसाना मामले में हिदायत दी थी कि उपमुख्यमंत्री यह सुनिश्चित करें कि किसी निर्दोष के साथ ज्यादती न हो और कसूरवार इस मामले में न बच पाए ताकि जनता के बीच बेहतर संदेश जाए। जनजातीय मामलों के विभाग की तरफ से जो भ्रम पैदा किया गया उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

साथ ही इसमें सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा मंत्रियों को रिपोर्ट कार्ड सुधारने या फिर बोरिया बिस्तर बांधने को तैयार रहने को भी चेताया था। साथ ही सलाह दी थी कि गठबंधन सरकार आपसी समन्वय से मसलों को सुलझाए। पिछले कुछ समय से रियासत में पीडीपी-भाजपा गठबंधन में अलग-अलग स्वर उठने से गलत संदेश जा रहा है।
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