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जम्मू-कश्मीर: लश्कर आतंकियों की मौजूदगी ज्यादा, मारे गए आतंकियों से बरामद हथियार जांच को भेजे गए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:26 PM IST
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एनकाउंटर में बरामद हुए हथियार
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर के रफियाबाद इलाके में मारे गए लश्कर के पांच पाकिस्तानी आतंकियों से बरामद उपकरणों तथा सामान को जांच के लिए भेज दिया गया है। इससे उनकी घुसपैठ की लोकेशन का सही पता चल सकेगा। यह जानकारी सेना के राष्ट्रीय राइफल्स के सात सेक्टर के कमांडर ब्रिगेडियर धर्मराज राय ने शुक्रवार को दी। इस दौरान मारे गए आतंकियों से बरामद हथियारों को भी प्रदर्शित किया गया।
ब्रिगेडियर ने बताया कि पहले के आपरेशन में भी लश्कर के ही आतंकी मारे गए हैं। इससे यह पता लगता है कि इस इलाके में लश्कर आतंकियों की मौजूदगी अधिक है। बताया कि आतंकियों के खिलाफ पांच अगस्त से आपरेशन शुरू था। सात अगस्त को सूत्रों से लिद्दर पंजाल इलाके में आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट मिले जिसके आधार पर इलाके में तलाशी अभियान में तेजी लाई गई। आठ अगस्त को सुबह करीब 10 बजे जंगल में छिपे आतंकियों ने जवानों पर गोलियां बरसाईं। जवाबी कार्रवाई में पांच आतंकियों को ढेर करने में सफलता हाथ लगी। आतंकियों से 4 एके-47 राइफल, एक पिस्तौल, अन्य हथियार और खाने पीने की सामग्री बरामद हुई है। संभावना है कि यह ग्रुप पीओके से हाल ही में घुसपैठ कर दाखिल हुआ है।
उन्होंने बताया कि शुरू में बस इतनी जानकारी थी कि आतंकियों का एक बड़ा ग्रुप है। इस वजह से आपरेशन को अंजाम देने में 4-5 दिन लग गए। मुझे नहीं लगता कि इस ग्रुप में से कोई आतंकी जिंदा भाग पाया है।
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ब्रिगेडियर ने बताया कि पहले के आपरेशन में भी लश्कर के ही आतंकी मारे गए हैं। इससे यह पता लगता है कि इस इलाके में लश्कर आतंकियों की मौजूदगी अधिक है। बताया कि आतंकियों के खिलाफ पांच अगस्त से आपरेशन शुरू था। सात अगस्त को सूत्रों से लिद्दर पंजाल इलाके में आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट मिले जिसके आधार पर इलाके में तलाशी अभियान में तेजी लाई गई। आठ अगस्त को सुबह करीब 10 बजे जंगल में छिपे आतंकियों ने जवानों पर गोलियां बरसाईं। जवाबी कार्रवाई में पांच आतंकियों को ढेर करने में सफलता हाथ लगी। आतंकियों से 4 एके-47 राइफल, एक पिस्तौल, अन्य हथियार और खाने पीने की सामग्री बरामद हुई है। संभावना है कि यह ग्रुप पीओके से हाल ही में घुसपैठ कर दाखिल हुआ है।
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उन्होंने बताया कि शुरू में बस इतनी जानकारी थी कि आतंकियों का एक बड़ा ग्रुप है। इस वजह से आपरेशन को अंजाम देने में 4-5 दिन लग गए। मुझे नहीं लगता कि इस ग्रुप में से कोई आतंकी जिंदा भाग पाया है।
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एनकाउंटर में बरामद हुए हथियार
- फोटो : अमर उजाला
बरामद बैग पर 12 तक थी नंबरिंग
मारे गए आतंकियों से बरामद बैग पर 12 तक नंबरिंग है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि 12 आतंकियों का यह ग्रुप रहा होगा। इनमें से पांच को मार गिराया गया है। आशंका है कि ग्रुप के अन्य आतंकी आस-पास के जंगलों में छिपे हो सकते हैं।
मारे गए आतंकियों से बरामद बैग पर 12 तक नंबरिंग है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि 12 आतंकियों का यह ग्रुप रहा होगा। इनमें से पांच को मार गिराया गया है। आशंका है कि ग्रुप के अन्य आतंकी आस-पास के जंगलों में छिपे हो सकते हैं।