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बड़ा फैसला: इन लोगों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी जम्मू कश्मीर सरकार
Wed, 04 May 2022 11:46 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 04 May 2022 11:46 AM IST
सार
प्रशासनिक परिषद ने योजना में संशोधन को मंजूरी दी। बढ़ोतरी के साथ मिलेगी वित्तीय सहायता। पहले हस्तशिल्प व हथकरघा से जुड़े परिवारों की बेटियों को सुविधा मिलती थी। पात्र बच्चों के लिए 1500 रुपये से 2000 रुपये प्रतिवर्ष वित्तीय सहायता निर्धारित कर दी गई है।
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प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में हस्तशिल्प और हथकरघा के बुनकरों के सभी बच्चे अब शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति के हकदार होंगे। इससे पूर्व यह सुविधा केवल छात्राओं के लिए थी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में हस्तशिल्प व हथकरघा से जुड़े बुनकरों और कारीगरों के सभी बच्चों को शिक्षा में वित्तीय मदद का फैसला लिया गया। हस्तशिल्प और हथकरघा निदेशालय इससे पूर्व पहली से छठी कक्षा तक की बालिकाओं को 100 रुपये से 600 रुपये तक की छात्रवृत्ति देता था।
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सरकार ने छात्रवृत्ति योजना में संशोधन करते हुए पात्र बच्चों के लिए 1500 रुपये से 2000 रुपये प्रतिवर्ष वित्तीय सहायता निर्धारित कर दी है। वहीं 11वीं कक्षा व उससे ऊंची कक्षाओं की पढ़ाई व तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा में इस श्रेणी के विद्यार्थियों को फीस का शुल्क सरकार देगी। पहले यह सभी लाभ सिर्फ बालिकाओं के लिए उपलब्ध थे। खास बात है कि प्रशासनिक परिषद ने विभाग से कहा कि बुनकरों और कारीगरों के समान स्थित समाज के अन्य वर्गों के बच्चों को भी वित्तीय लाभ दिलाने की व्यवस्था को लेकर चर्चा करें।
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पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए संबंधित सहायक निदेशक को आवेदन करेंगे, जो निर्धारित मानदंडों के अनुसार छात्रवृत्ति राशि के वितरण से पहले सत्यापन करेंगे। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों को उनके बैंक खातों में भुगतान होगा।
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