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Jammu Kashmir: वैष्णो देवी भक्तों के लिए कॉटेज के साथ आरती दर्शन नीति जारी, शंकराचार्य मंदिर का होगा कायाकल्प

Tue, 13 Dec 2022 02:04 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 13 Dec 2022 02:04 AM IST
सार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता श्राइन बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आरएफआईडी और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से तीर्थ यात्रा पर 2437 निगरानी रखी जाए।

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Jammu Kashmir: Aarti Darshan policy continues with cottages for Vaishno Devi devotees
माता वैष्णो देवी यात्रा - फोटो : amar ujala

विस्तार

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से देश दुनिया से माता वैष्णो देवी भक्तों के लिए काॅटेज और आरती दर्शन नीति शुरू की गई है। इसके साथ तीर्थ यात्रियों के लिए कई दान सुविधाएं, हितधारकों के परामर्श से कटड़ा स्थित शंकराचार्य मंदिर का कायाकल्प व विकास, पूर्व बारीदार परिवारों के मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति का अनुदान और लड़कियों की शादी के लिए वित्तीय सहायता में वृद्धि, एसएमवीडीएनएसएच में विशेष रूप से विकलांग लोगों को निशुल्क दवाएं दी जाएंगी।

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उपराज्यपाल ने राजभवन में श्राइन बोर्ड की बैठक की

उपराज्यपाल एवं श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने सोमवार को राजभवन में श्राइन बोर्ड की बैठक में उक्त पहलों की शुरुआत की। उन्होंने बोर्ड की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। उपराज्यपाल ने बोर्ड के पंचांग कैलेंडर-2023 के पहले संस्करण एक कुटीर नीति जारी करने के साथ बोर्ड कर्मचारियों के लिए अर्धकुंवारी और बाणगंगा में आवास सुविधाओं की आधारशिला रखी।बैठक में 46 एजेंडा मदों के लिए सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया। 

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परेशानी मुक्त तीर्थयात्रा के लिए की गई पहलों से अवगत कराया

सुचारू यात्रा और भीड़ प्रबंधन के लिए शुरू किए गए अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपायों के लिए पारित निर्देशों पर बोर्ड के सदस्यों को एक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग ने आरएफआईडी कार्ड जारी करने और सत्यापन, प्रभावी भीड़ प्रबंधन, होल्डिंग क्षेत्रों में वृद्धि, ट्रैक को दुरुस्त रखना, प्रवेश को अलग करने, 500 से अधिक समर्पित सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से भवन में निकास मार्गों और निगरानी सहित परेशानी मुक्त तीर्थयात्रा के लिए की गई पहलों से अवगत कराया।

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भक्तों का आपस में जुड़ाव नहीं होना चाहिए। 

नए भवनों में लॉकर, नहाने की जगह आदि सुविधाएं एक ही स्थान पर होनी चाहिए। उपराज्यपाल ने कहा कि ताराकोट लंगर और सांझीछत के बीच पैसेंजर रोपवे के निर्माण के लिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं। 

ईआरपी साफ्टवेयर के कार्यान्वयन को मंजूरी 

उपराज्यपाल ने कहा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता श्राइन बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आरएफआईडी और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से तीर्थ यात्रा पर 2437 निगरानी रखी जाए।मंदिर में विभिन्न विभागों के कार्यों में सुधार और वृद्धि के लिए बोर्ड ने एक एकीकृत डिजिटल समाधान प्रदान करने के लिए टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) के माध्यम से एंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) सॉफ्टवेयर के कार्यान्वयन को मंजूरी दी।

रेलवे स्टेशन पर नए पंजीकरण काउंटर स्थापित होंगे  

श्राइन बोर्ड ने रेलवे स्टेशन, कटड़ा में मौजूदा पंजीकरण काउंटरों पर भीड़ कम करने और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर नए पंजीकरण काउंटर की स्थापना को मंजूरी दी है। अत्याधुनिक पंजीकरण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।  

बोर्ड ने दिव्यांगजनों के लाभ के लिए शारदीय नवरात्रों के दौरान पायलट आधार पर की गई पहल की सराहना करते हुए इसे जारी रखने का निर्णय लिया। सुविधाओं में कंपलीमेंट्री टट्टू और बैटरी कार सेवाओं का प्रावधान, आगामी सभी नवरात्रों के दौरान गर्भगृह में विशेष प्राथमिकता वाले दर्शन शामिल होंगे।

भक्तों की सेवा के लिए इच्छुक डाॅक्टर आमंत्रित होंगे

बोर्ड ने विज्ञापन और व्यापक प्रचार के माध्यम से स्वयंसेवकों के आधार पर श्राइन में भक्तों की सेवा करने के इच्छुक डॉक्टरों को आमंत्रित करने का फैसला लिया है। मास्टर प्लान- दुर्गा भवन और स्काईवॉक के तहत भवन में चल रही परियोजनाओं का मूल्यांकन करते हुए उपराज्यपाल ने काम में तेजी लाने का निर्देश दिया।
 

हरित प्रौद्योगिकियों, वर्षा जल संचयन और सौर ऊर्जा दोहन का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया गया।ढलान स्थिरीकरण और पार्वती भवन के पुनर्विकास और भवन से अलग निकास ट्रैक व मनोकामना क्षेत्र के पुनर्निर्माण सहित अन्य आगामी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।


 

बोर्ड ने दुर्गा भवन के संचालन के लिए कर्मचारियों के कल्याण और नए पदों के सृजन के लिए कई पहलों की जानकारी दी। बैठक में रियासी स्थित शिवखोड़ी के तीर्थ के विकास पर एक पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी गई। बैठक में महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरिजी महाराज, बालेश्वर राय, डा. अशोक भान, कुलभूषण आहुजा, डा. नीलम सरीन आदि मौजूद रहे।

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