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जम्मू: बोन एंड जॉइंट अस्पताल में आज से इंडोर सेवा, जीएमसी में घटेगा लोड, पहले चरण में एक वार्ड होगा शुरू
Mon, 20 Nov 2023 12:29 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 20 Nov 2023 12:29 PM IST
सार
बोन एंड जॉइंट अस्पताल में मौजूदा ओपीडी में 250 से 350 मरीजों को देखा जा रहा है। मगर इंडोर सुविधा न होने के कारण भर्ती मामलों को जीएमसी जम्मू में ही भेजा जा रहा था। इंडोर सेवा शुरू होने से जीएमसी पर आर्थो मरीजों का लोड कम होगा और वहां स्थापित आर्थो बिस्तर दूसरे मरीजों की चिकित्सा देखभाल में प्रयोग में लाए जाएंगे।
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Jammu Bone and Joint Hospital
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जीएमसी जम्मू के सामने महेशपुरा स्थित नवनिर्मित बोन एंड जॉइंट (हड्डी व जोड़) अस्पताल में सोमवार से मरीजों के लिए आईपीडी (इंडोर) सेवा शुरू की जा रही है। पहले चरण में एक वार्ड को शुरू किया जा रहा है, जिसमें 90 बिस्तर हैं। अस्पताल में कुल 182 बिस्तर हैं। दावा है कि दिसंबर में इलेक्टिव (सामान्य) ऑपरेशन भी शुरू कर दिए जाएंगे।
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बोन एंड जॉइंट अस्पताल में मौजूदा ओपीडी में 250 से 350 मरीजों को देखा जा रहा है। मगर इंडोर सुविधा न होने के कारण भर्ती मामलों को जीएमसी जम्मू में ही भेजा जा रहा था। इंडोर सेवा शुरू होने से जीएमसी पर आर्थो मरीजों का लोड कम होगा और वहां स्थापित आर्थो बिस्तर दूसरे मरीजों की चिकित्सा देखभाल में प्रयोग में लाए जाएंगे। योजना के तहत पहले चरण में 30 से 40 बिस्तरों पर स्टाफ की क्षमता के मुताबिक मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
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जीएमसी के आर्थो विभाग के एचओडी डॉ. संजीव गुप्ता के अनुसार स्टाफ की क्षमता के मुताबिक चरणबद्ध तरीके से इंडोर सेवा का विस्तार किया जाएगा। ट्रामा और इमरजेंसी मामलों को अभी जीएमसी में ही देखा जाएगा। इसके साथ सभी तरह की आर्थो सर्जरी भी जीएमसी में की जा रही हैं।
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बोन एंड जॉइंट अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर का लगभग सामान पहुंच गया है, जिससे अगले एक डेढ़ माह में सर्जरी सुविधा भी शुरू कर दी जाएगी। जीएमसी में आर्थो विभाग में मौजूदा चार थियेटर हैं, जिसमें अमूमन तीन चालू रहते हैं लेकिन बोन एंड जॉइंट अस्पताल में सात ऑपरेशन थियेटर स्थापित हैं। पांच सामान्य और दो डे केयर हैं।
स्टाफ की कमी के साथ कई चुनौतियां भीं
बोन एंड जॉइंट अस्पताल के लिए 368 स्टाफ के पदों को मंजूरी नहीं मिली है जिससे जीएमसी प्रशासन द्वारा आर्थो और अन्य विभागों के स्टाफ को लगाकर किसी तरह ओपीडी और इंडोर सेवा शुरू की जा रही है। इसके साथ लिफ्ट भी शुरू नहीं हो पाई है। इंडोर वार्ड पहले फ्लोर पर स्थापित है, जिससे मरीजों को भर्ती होने के लिए रैंप के सहारे ही जाना पड़ेगा। जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार स्टाफ के साथ अन्य इंतजाम किए जा रहे हैं। एक सिटी स्कैन मशीन भी स्थापित कर दी गई है, जिसे शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।
एमसीएच में गायनी यूनिट का विस्तार, 100 बिस्तर स्थापित
एमसीएच गांधीनगर अस्पताल में इसी माह गायनी यूनिट का विस्तार किया जा रहा है। दो सौ बिस्तर के अस्पताल में गायनी मामलों के लिए 100 बिस्तर स्थापित किए जा रहे हैं। यूनिट का विस्तार होने के बाद लगभग सभी प्रसव के मामले इसी अस्पताल में आएंगे। इसके लिए गायनी विभाग की पूर्व एचओडी को संबंधित एसआरओ के तहत लगाकर अन्य स्टाफ नियुक्त किया जा रहा है। इससे गांधीनगर क्षेत्र की हजारों की आबादी को लाभ मिलेगा। शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस पर प्रसव मामलों का लोड बनेगा। रोजाना चौबीस घंटे में 70 से 80 मामले आ रहे हैं।