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Jammu News: गुरुजी पढ़ रहे बच्चों को पढ़ाने का पाठ
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कार्यक्रम के दौरान एसीएस ने डिजाइन ऑफ ट्रेनिंग (डीओटी) का विमोचन करते मुख्य अतिथि फोटो सूचना व
निष्ठा के तहत समावेशी शिक्षा पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में समावेशी शिक्षा को मजबूत किया जा रहा है। विशेष जरूरत वाले बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच के लिए समावेशी शिक्षण पद्धतियों, नीतियों और सहायक रणनीतियों पर बात हो रही है। इस दिशा में जम्मू जिले के 272 शिक्षक, मास्टर और लेक्चररों के लिए निष्ठा के तहत समावेशी शिक्षा पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (द्वितीय चरण) का आगाज हुआ है।
छह मार्च तक चलने वाले कार्यक्रम का उद्घाटन रविवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिक्षा शांतमनु ने किया। इसका आयोजन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेकेएससीईआरटी) जम्मू कार्यालय ने डाइट जम्मू के सहयोग से किया है। कार्यक्रम पॉलिटेक्निक कॉलेज चला रहा है।
इसका उद्देश्य स्कूलों में समावेशी शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को आवश्यक ज्ञान, नवीन रणनीतियों और सर्वोत्तम प्रथाओं से लैस करना है। अतिरिक्त मुख्य सचिव शान्तमनु ने हर बच्चे को बिना उसकी पृष्ठभूमि या योग्यता को देखे हुए सीखने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि शिक्षक मल्टी टास्कर हैं, जिन्हें अपने ज्ञान और कौशल में निरंतर वृद्धि करनी चाहिए।
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शिक्षकों के ज्ञान और उत्थान के लिए प्रशिक्षण आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान एसीएस ने डिजाइन ऑफ ट्रेनिंग (डीओटी) का विमोचन किया। एससीईआरटी जम्मू संभाग की संयुक्त निदेशक डॉ. सिंधु कपूर ने निष्ठा के जिलों में हुए कार्यक्रम के बारे में बताया। डाइट जम्मू के विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार ने समावेशी शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। एमसी खालसा कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्रिंसिपल डॉ. मधु सिंह ने विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए जरूरत पर बात की। डॉ. रोहनीका शर्मा ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षा (सीडब्ल्यूएसएन) विषय पर बात की।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में समावेशी शिक्षा को मजबूत किया जा रहा है। विशेष जरूरत वाले बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच के लिए समावेशी शिक्षण पद्धतियों, नीतियों और सहायक रणनीतियों पर बात हो रही है। इस दिशा में जम्मू जिले के 272 शिक्षक, मास्टर और लेक्चररों के लिए निष्ठा के तहत समावेशी शिक्षा पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (द्वितीय चरण) का आगाज हुआ है।
छह मार्च तक चलने वाले कार्यक्रम का उद्घाटन रविवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) शिक्षा शांतमनु ने किया। इसका आयोजन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेकेएससीईआरटी) जम्मू कार्यालय ने डाइट जम्मू के सहयोग से किया है। कार्यक्रम पॉलिटेक्निक कॉलेज चला रहा है।
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इसका उद्देश्य स्कूलों में समावेशी शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को आवश्यक ज्ञान, नवीन रणनीतियों और सर्वोत्तम प्रथाओं से लैस करना है। अतिरिक्त मुख्य सचिव शान्तमनु ने हर बच्चे को बिना उसकी पृष्ठभूमि या योग्यता को देखे हुए सीखने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि शिक्षक मल्टी टास्कर हैं, जिन्हें अपने ज्ञान और कौशल में निरंतर वृद्धि करनी चाहिए।
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शिक्षकों के ज्ञान और उत्थान के लिए प्रशिक्षण आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान एसीएस ने डिजाइन ऑफ ट्रेनिंग (डीओटी) का विमोचन किया। एससीईआरटी जम्मू संभाग की संयुक्त निदेशक डॉ. सिंधु कपूर ने निष्ठा के जिलों में हुए कार्यक्रम के बारे में बताया। डाइट जम्मू के विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार ने समावेशी शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। एमसी खालसा कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्रिंसिपल डॉ. मधु सिंह ने विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए जरूरत पर बात की। डॉ. रोहनीका शर्मा ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षा (सीडब्ल्यूएसएन) विषय पर बात की।