Earthquake in Valley : जम्मू-कश्मीर में फिर आया भूकंप, दो बार हिली धरती, कोई हानि नहीं
Jammu : समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 4.1 रही।
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जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटकों से दहशत के बीच बुधवार देर रात 4.1 और 3.2 की तीव्रता से दो और झटके महसूस किए गए। इससे पूर्व मंगलवार को 21 घंटे के भीतर भूकंप के छह झटकों से दहशत का माहौल बन गया था। पिछले 45 घंटे के दौरान प्रदेश में धरती आठ बार डोल चुकी है।
बुधवार रात 11.04 बजे 4.1 और 11.52 बजे 3.2 की तीव्रता से आए भूकंप का केंद्र डोडा जिले में जमीन से पांच किलोमीटर नीचे था। बीते कई दिनों से कश्मीर घाटी में धरती हिल रही है। जानकारी के अनुसार दो-तीन दिन से लगातार भूकंप आ रहे हैं जिसके कारण लोगों में दहशत फैली हुई है।
भूकंप क्यों आते हैं?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकराना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
भूकंप की तीव्रता का क्या अर्थ है?
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।