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Jammu News: नजर से बचने के लिए पशु तस्करी वाहनों पर स्लोगनों का इस्तेमाल
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नगरोटा पुलिस सब डिवीजन में सामने आए मामले से हुआ खुलासा
2024 में जिले में मवेशी तस्करी के 374 मामले दर्ज, 407 आरोपी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पशु तस्करी में संलिप्त तस्कर पुलिस को चकमा देने और हिंदू संगठनों से बचने के भी नए तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें एक तरीका स्लोगन है, जो समुदाय विशेष से संबंधित है। इसका खुलासा नगरोटा पुलिस सब डिवीजन में सामने आए मामले के बाद हुआ है।
इसमें तस्करी के लिए इस्तेमाल वाहन में एक समुदाय विशेष के देवी देवताओं का नाम लिखा गया था। बता दें कि जम्मू जिले में बीते वर्ष पशुओं की तस्करी चरम पर रही। 2024 में जम्मू पुलिस ने तस्करी के 374 मामले दर्ज किए और 407 आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 349 वाहन जब्त किए और 3014 पशुओं को बचाया गया।
कुछ हद तक पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र, रूट परमिट और लाइसेंस भी रद्द किए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ तस्करों पर पीएसए भी लगाया है। डीआईजी जम्मू शिव कुमार का कहना है कि इसे लेकर पुलिस को विशेष निर्देश दिए जाएंगे।
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तस्करों और गोरक्षकाें के बीच हुई झड़प
अक्तूबर 2024 में जम्मू के सोहांजना में पशु तस्करी को लेकर तस्करों और गोरक्षकों में झड़प भी हुई थी। ऐसे ही दिसंबर में जम्मू के सतवारी क्षेत्र में पशुओं से भरा एक वाहन बीच सड़क पलट गया था। इन तस्करों का गोरक्षक पीछा कर रहे थे। इसे लेकर जमकर भी हंगामा भी हुआ।
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ऐसे कृत्य पुलिस की नाकामी
कई बार ऐसे वाहन पकड़कर पुलिस को दिए हैं। इनसे न सिर्फ तस्करी की जा रही है, बल्कि समुदाय की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदार पुलिस है। पुलिस के पास तो पशुओं को पकड़े जाने पर रखने की जगह तक नहीं है।
- कौशल शर्मा, अध्यक्ष, गोरक्षा संगठन, जम्मू
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2024 में जिले में मवेशी तस्करी के 374 मामले दर्ज, 407 आरोपी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पशु तस्करी में संलिप्त तस्कर पुलिस को चकमा देने और हिंदू संगठनों से बचने के भी नए तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें एक तरीका स्लोगन है, जो समुदाय विशेष से संबंधित है। इसका खुलासा नगरोटा पुलिस सब डिवीजन में सामने आए मामले के बाद हुआ है।
इसमें तस्करी के लिए इस्तेमाल वाहन में एक समुदाय विशेष के देवी देवताओं का नाम लिखा गया था। बता दें कि जम्मू जिले में बीते वर्ष पशुओं की तस्करी चरम पर रही। 2024 में जम्मू पुलिस ने तस्करी के 374 मामले दर्ज किए और 407 आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 349 वाहन जब्त किए और 3014 पशुओं को बचाया गया।
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कुछ हद तक पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र, रूट परमिट और लाइसेंस भी रद्द किए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ तस्करों पर पीएसए भी लगाया है। डीआईजी जम्मू शिव कुमार का कहना है कि इसे लेकर पुलिस को विशेष निर्देश दिए जाएंगे।
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तस्करों और गोरक्षकाें के बीच हुई झड़प
अक्तूबर 2024 में जम्मू के सोहांजना में पशु तस्करी को लेकर तस्करों और गोरक्षकों में झड़प भी हुई थी। ऐसे ही दिसंबर में जम्मू के सतवारी क्षेत्र में पशुओं से भरा एक वाहन बीच सड़क पलट गया था। इन तस्करों का गोरक्षक पीछा कर रहे थे। इसे लेकर जमकर भी हंगामा भी हुआ।
ऐसे कृत्य पुलिस की नाकामी
कई बार ऐसे वाहन पकड़कर पुलिस को दिए हैं। इनसे न सिर्फ तस्करी की जा रही है, बल्कि समुदाय की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदार पुलिस है। पुलिस के पास तो पशुओं को पकड़े जाने पर रखने की जगह तक नहीं है।
- कौशल शर्मा, अध्यक्ष, गोरक्षा संगठन, जम्मू