Jammu and Kashmir: पुलिस हिरासत में मौत मामले की जांच पूरी, सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
बारामुला प्रशासन ने गुरुवार को दावा किया कि उन्होंने सोपोर के एक युवक की हिरासत में हुई मौत के संबंध में जांच पूरी कर ली है और इस संबंध में एक रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। बता दें कि 16 सितंबर को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर की सादिक कॉलोनी के इरफान अहमद डार को गिरफ्तारी के बाद मृत पाया गया।
उसे पुलिस की एक टीम ने उसकी दुकान से एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। डार की मौत के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए तत्कालीन उपायुक्त बारामुला जीएन इत्तू ने एडीसी बारामुला को जांच अधिकारी नियुक्त किया और उन्हें बीस दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
वहीँ मामले के जांच अधिकारी मोहम्मद अहसान मीर ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि इस मामले की जांच पूरी हो गई है और इस संबंध में एक रिपोर्ट जल्द ही एक दो दिन के भीतर सौंप दी जाएगी। उन्होंने बताया कि हमने मामले की जांच पूरी कर ली है जिसमें फोरेंसिक रिपोर्ट भी शामिल है जोकि कई महीनों से लंबित थी।
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मीर ने कहा कि जांच रिपोर्ट शुरू में डीसी बारामुला को सौंपी जाएगी, फिर इसे आगे सरकार के उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा। मीर ने कहा कि उन्होंने मामले में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं फिर भी मामले के बारे में अंतिम रिपोर्ट को सार्वजनिक तौर पर खुलासा नहीं किया जा सकता है।
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सोपोर के रहने वाले ओजीडबल्यू इरफान को दो ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था
गौरतलब है कि इरफान की मौत के बाद पुलिस द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार 15 सितंबर दोपहर 12:45 पर सादिक कॉलोनी सोपोर के रहने वाले एक ओजीडबल्यू इरफान अहमद डार पुत्र मोहम्मद अकबर डार (23/24 वर्ष) को दो चीनी ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था।
इस संदर्भ में पुलिस स्टेशन सोपोर में यूएपीए की धारा 18 और आर्म्स एक्ट 7/27 के तहत ए?आईआर 257/2020 दर्ज कर आगे की तफतीश शुरू की गई थी। उन्होने बयान में बताया था कि तफतीश के लिए पुलिस टीम तुजर शरीफ के चैरदजी इलाके में इस ओजीडबल्यू के साथ पहुंची जहां उसकी निशानदेही पर और रिकवरी होने की संभावना थी। लेकिन अंधेरे का फायेदा उठाते ओजीडबल्यू मौके से भाग निकला और उस संदर्भ में आईपीसी की धारा 224 के तहत मामला दर्ज किया गया।
एक पत्थर की खान के पास मिला शव
तलाशी के दौरान उसका शव तुजर शरीफ इलाके में एक पत्थर की खान के पास मिला। शव को नजदीकी पीएचसी ले जाया गया जहां से फिर श्रीनगर में पीसीआर के अस्पताल शिफ्ट किया गया कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। लेकिन इस बीच परिवार वालों ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को मारा गया है। इरफान के भाई जावेद अहमद ने कहा था कि उसे और उसके भाई को 14 सितंबर को घर से उठाया गया। दोनों को अलग रखा गया था।
उसकी तबियात खराब होने के चलते उसे छो? दिया गया। उसने बताया था कि उसका भाई बेकसूर था और उसका कोई आतंकी लिंक नहीं था। वो उसके साथ ही सुबह से शाम तक दुकान पर ही रहता था। जावेद ने मांग की थी कि इसमें निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। और पुलिस अगर चाहेगी उनके घर की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल सकती है।