Jammu and Kashmir: कुलगाम में आतंकियों ने की भाजपा सरपंच की हत्या
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने भाजपा सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी है। आतंकियों ने वारदात को उस वक्त अंजाम दिया जब सरपंच सजाद अहमद अपने घर के बाहर थे। इस दौरान आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की। जिसमें सरपंच खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इससे पहले जुलाई महीने में भाजपा के बांदीपोरा जिलाध्यक्ष और उनके दो परिजनों की हत्या कर दी गई थी। वहीं इस घटना के एक माह पूर्व आठ जून को अनंतनाग में कांग्रेस नेता और सरपंच अजय पंडिता की हत्या कर दी गई थी। घाटी में जम्हूरियत की मजबूती में जुटे नेताओं, कार्यकर्ताओं से लेकर पंचायती नुमाइंदों पर पहले भी आतंकी हमले होते रहे हैं।
बता दें कि जम्हूरियत की मजबूती से आतंकी संगठनों में बौखलाहट है। इसे के चलते आतंकी संगठन घाटी का माहौल खराब करने और लोगों में भय उत्पन्न करने के लिए लगातार साजिश रच रहे हैं। आतंकी तंजीमों के शीर्ष कमांडरों के सफाए और लगातार ध्वस्त हो रहे नेटवर्क से बौखलाए आतंकी नेताओं की हत्याओं करने पर आमादा हो गए हैं। कश्मीर घाटी में आतंकवाद के शुरुआती दिनों से लेकर हाल के वर्षों तक ज्यादातर सियासी हत्याएं चुनावी वर्ष में हुई हैं लेकिन आतंकी वारदातों का ऐसा सिलसिला अब बिना चुनाव के भी तेज हो गया है।
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उधर, 370 हटने की पहली वर्षगांठ पर बुधवार को कुलगाम के तीन भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे की घोषणा की। इस्तीफा देने वालों में देवसर निर्वाचन क्षेत्र के उपाध्यक्ष सूबेदार अहमद पद्दार, वारपोरा कुंड निर्वाचन क्षेत्र के अध्यक्ष निसार अहमद वानी और वारपोरा कुंड के हुसैन पल्ला शामिल हैं। इन तीनों ने कुलगाम की जनता के समक्ष इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत कारणों से वे पार्टी छोड़ रहे हैं। हम मजदूर हैं और भाजपा की गतिविधियों को पूरा करने का हमारे पास समय नहीं है।
2017 से लगातार भाजपा नेताओं पर हो रहे हमले
जम्मू-कश्मीर में भाजपा नेताओं पर वर्ष 2017 के बाद से लगातार हमले हो रहे हैं। वर्ष 2017 के नवंबर महीने में दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों ने भाजयुमो की जिला इकाई के प्रमुख गौहर हुसैन भट (30) की गला रेत कर हत्या कर दी थी। 22 अगस्त 2018 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने भाजपा कार्यकर्ता शबीर अहमद भट्ट की हत्या कर दी थी। इससे बाद 4 मई 2019 को अनंतनाग जिले में भाजपा उपाध्यक्ष गुल मुहम्मद मीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
चार अगस्त को पंच को मारी थी गोली
कुलगाम जिले में पिछले 48 घंटे में पंच-सरपंच पर यह दूसरा हमला है। इससे पहले चार अगस्त को आतंकियों ने भाजपा के पंच पीर आरिफ अहमद शाह को गोली मारकर घायल कर दिया था। उनका श्रीनगर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। जून महीने में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित सरपंच अजय पंडिता की हत्या कर दी थी।
8 जून को सरपंच अजय पंडिता की हुई थी हत्या
आतंकियों ने 8 जून को अनंतनाग जिले के लरकीपुरा इलाके के सरपंच और कांग्रेस के सदस्य अजय पंडिता की उनके गांव में हत्या कर दी थी। कश्मीर में 17 वर्ष बाद किसी कश्मीरी पंडित की हत्या की गई थी।
पंच-सरपंचों को सुरक्षा मुहैया कराएं
भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कश्मीर घाटी में पंच, सरपंच और सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने सज्जाद की हत्या को अमानवीय बताते हुए कहा कि तीन दिन में एक ही इलाके में पंच-सरपंच पर हमले की दो घटनाओं के बाद डीजीपी और आईजीपी को खुद हस्तक्षेप करना चाहिए।
ऐसे हमलों से हौसले नही टूटेंगे
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष सोफी मोहम्मद यूसुफ ने जनाजे में शिरकत करने के बाद कहा कि आतंकवादी बौखलाए हुए हैं। लेकिन ऐसे हमलों से भाजपा कार्यकर्ताओं की हिम्मत नहीं टूटेगी। पार्टी मजबूत है और हम जनता की सेवा करते रहेंगे।