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पंजाब सरकार के एक तरफा कानून के कारण जम्मू-कश्मीर को हुआ करोड़ों का नुकसान

Sat, 12 Nov 2016 06:46 PM IST
ओमपाल संब्याल, अमर उजाला/जम्मू
ओमपाल संब्याल, अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 12 Nov 2016 06:46 PM IST
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jammu and kashmir suffered lack of water due to punjab
बांध परियोजना से रियासत को हुआ नुकसान - फोटो : Demo Pic.

रावी दरिया के पानी को लेकर पंजाब से हुआ समझौता रियासत को आज तक नागवार गुजर रहा है। पानी के एवज में बिजली, रोजगार और मुआवजे के वादे तो अधूरे रहे ही, अब पंजाब सरकार के एक तरफा कानून ने बांध परियोजना से रियासत को हुए नुकसान की भरपाई की उम्मीद को भी तोड़ दिया।

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वीरवार को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पंजाब टर्मिनेशन आफ एग्रीमेंट एक्ट, 2004 को असंवैधानिक करार दिए जाने पर इस मुद्दे के लिए कानूनी संघर्ष करते रहे कठुआ के पूर्व विधायक ने इसे पंजाब सरकार की वादाखिलाफी पर अदालत की मुहर बताया है।
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मुद्दे को पहले राज्य की विधानसभा और फिर केंद्र तक पहुंचाने की कवायद में अहम कड़ी रहे सिंह ने कहा कि अदालत की संविधानिक पीठ ने जिस एक्ट को अमान्य करार दिया है, उससे जम्मू-कश्मीर न सिर्फ अपने हिस्से के पानी से वंचित रहा बल्कि बिजली के लिए भी मोहताज हो गया।

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पंजाब ने नहीं पूरी की समझौते की शर्त

jammu and kashmir suffered lack of water due to punjab
बांध परियोजना से रियासत को हुआ नुकसान - फोटो : Demp Pic.

रावी नदी के पानी से जम्मू संभाग के कंडी क्षेत्र को सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाने के लिए वर्ष 1972 में केंद्रीय योजना आयोग ने रावी नहर निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया था। वर्ष 1974-75 में रणजीत सागर बांध क्षेत्र से विजयपुर तक 82 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण भी शुरू हुआ। 

इसी दौरान 20 जनवरी 1979 में जम्मू-कश्मीर और पंजाब सरकार के बीच रावी दरिया के पानी को लेकर समझौता हुआ। इस समझौते के तहत जम्मू-कश्मीर को सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा शाहपुर कंडी बांध बनाकर 1150 क्यूसेक पानी देने और बांध से तैयार होने वाली बिजली की 20 फीसदी हिस्सेदारी देने की शर्त तय हुई।

पंजाब ने समझौते की शर्तें तो पूरी नहीं कीं, उलटा 12 जुलाई 2004 को पंजाब टर्मिनेशन आफ एग्रीमेंट एक्ट पास कर पानी को लेकर दूसरे राज्यों के प्रति अपनी जवाबदेही से किनारा कर लिया।

J&K के तीन जिलों को 8599 करोड़ का नुकसान

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बांध परियोजना से रियासत को हुआ नुकसान - फोटो : Demo Pic.

जम्मू-कश्मीर ने कानूनी संघर्ष के बाद जब शाहपुर कंडी बैराज पर अपना हक स्थापित किया तो पंजाब शाहपुर कंडी बैराज के निर्माण को तैयार हो गया। रावी तवी इरिगेशन कनाल प्रोजेक्ट के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि पंजाब ने 2300 करोड़ के प्रोजेक्ट पर पिछले दिनों काम शुरू करवाया था। इसे जम्मू-कश्मीर सरकार ने रुकवा दिया।

दशकों पानी से वंचित रहे जम्मू-कश्मीर के तीन जिलों को 8599 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इसकी भरपाई को पंजाब तैयार नहीं है। फिलहाल मामला जम्मू-कश्मीर और पंजाब सरकार के मुख्य सचिव स्तर की बातचीत के विचाराधीन है।

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