यरूशलम को राजधानी घोषित करने पर अलगाववादियों ने की प्रदर्शन की अपील
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ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) द्वारा कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ रविवार को बंद का आह्वान किया गया है। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका द्वारा यरूशलम को इस्राइल की राजधानी घोषित करने के विरोध में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन की अपील की है।
जारी बयान में कहा गया है कि यरूशलम दुनिया भर में रहने वाले लगभग एक अरब मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। अमेरिका द्वारा इस पवित्र भूमि को इस्राइल की राजधानी घोषित करना फासीवादी ट्रंप शासन के राजनीतिक दिवालियापन को दर्शाता है।
हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को प्रदर्शन कॉल के आह्वान को ध्यान में रखते हुए उनके नगीन स्थित घर पर पुलिस द्वारा वीरवार को नजरबंद किया गया। इसकी जानकारी उन्होंने ट्वीट कर दी।
उन्होंने ट्वीट कर आर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोपरेशन (ओआईसी) तथा यूएन चार्टर को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र से भी इसका संज्ञान लेने को कहा। कहा कि कश्मीर इस फैसले का विरोध करता है।
फारूक ने राजधानी घोषित करने को ठहराया अनुचित
नेकां अध्यक्ष व सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला ने यरूशलेम को इजरायल की राजधानी घोषित करने को अनुचित ठहराया है। उन्होंने राजधानी के पुनर्मिलन की निंदा करते हुए कहा कि संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति द्वारा यह घोषणा इतिहास के विरोधाभास में है। इससे लाखों मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं।
इसने सहपरवान्ता और स्थिरता के लक्ष्य को कठिन बना दिया है। इस प्रकृति पर एक मनमानी घोषणा लोगों को विमुख करने और अत्याचार के व्यापक अर्थ को जोड़ने के जोखिम से भरी है। वैश्विक समुदाय फिलिस्तीन के लोगों को न्याय देने के लिए बाध्य है।
ऐसी घोषणाएं ऐतिहासिक विवादों और मानसिकता के आसपास केंद्रित भावनाओं को नुकसान पहुंचाएंगी। भारत सरकार को इस कदम का दृढ़ता और निर्विवाद रूप से पालन करने के लिए बाध्य किया गया है। हमें अपने मूल्यों और राष्ट्रों के सशक्तिकरण में हमारी जगह के अनुरूप होना चाहिए।
मोदी सरकार की एक विफलता ने इसे दृढ़तापूर्वक दोहराया है। इससे देश के स्वतंत्र विदेश नीति के लक्ष्यों और वैश्विक स्तर पर हमारी प्रतिबद्धताओं का एक बड़ा असर होगा। पार्टी के कार्यकारी प्रधान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यरुशलेम की पहचान इजरायल की राजधानी इच्छाशक्ति धुलाई के रूप में है। ट्विट करते हुए उमर ने कहा कि अतीत में ऐसा कदम भारत से मजबूत निंदा ली होगी।