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Budget 2021: जम्मू-कश्मीर के उद्योगपतियों को बजट से आस, विकास का रास्ता हो साफ

Fri, 29 Jan 2021 06:13 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 29 Jan 2021 06:13 PM IST
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Budget 2021-22 Expectations Jammu and Kashmir's industrialists hope for budget, the path of development should be clear
बजट 2021 - फोटो : अमर उजाला

जम्मू-कश्मीर के उद्योगपतियों को केंद्र शासित प्रदेश को मिलने वाले दूसरे बजट से ढेर सारी उम्मीदें हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि प्रमुख रूप से घोषित योजना के पैकेज में निरंतर प्रोत्साहन और राशि जारी की जाए। कारपोरेट हाउस की तर्ज पर उद्योगों को 15 फीसदी स्लैब में लाया जाए। इसके साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई परियोजनाएं लाई जाएं। केंद्र सरकार की योजना में जम्मू-कश्मीर के लिए पहली बार 28,400 करोड़ रुपये की औद्योगिक विकास योजना की घोषणा हुई हैं। निवेशकों को रुझाने के लिए औद्योगिक भूमि बैंक के अलावा अन्य स्तर पर सकारात्मक पहल की जा रही है, जिससे आगामी वर्षों में जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक क्षेत्र को नया रूप मिलने की उम्मीद है।

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आयकर लाभ सुनिश्चित किया जाए
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन ललित महाजन ने कहा कि औद्योगिक विकास योजना के तहत पैकेज की राशि को तय समय पर जारी किया जाए। आगामी बजट में औद्योगिक क्षेत्र को निर्धारित समय पर प्रोत्साहन दिया जाए। 2017 में घोषित हुए पैकेज में कई  उद्योगपतियों को वर्ष 2018-20 तक लंबित प्रोत्साहन नहीं मिल पाया है। आयकर लाभ को सुनिश्चित बनाया जाए। सरकार कारपोरेट हाउस की तर्ज पर अन्य उद्योगों को भी 15 फीसदी स्लैब में लाएं। समय पर राशि और प्रोत्साहन मिलने से ही औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा सकता है।
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जीएसटी प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया सरल हो
एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज गंग्याल के महासचिव प्रदीप वेद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक क्षेत्र को प्रोत्साहन जारी रखा जाए। नई योजना में जीएसटी को लेकर कुछ साफ नहीं हो पा रहा है। बजट के साथ जीएसटी प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए इसे पूरी तरह से डिजिटाइजेशन किया जाए। उद्योगपतियों को प्रतिपूर्ति के लिए दो-दो साल इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनका बजट खराब हो जाता है। डिजिटाइजेशन से पारदर्शिता बढ़ने के साथ उद्योगपतियों को अधिक प्रोत्साहन मिल सकेगा।

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रोजगार के लिए छोटे उद्योगों को दिया जाए प्रोत्साहन

स्मॉल एंड टाइनी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान हरबिंदर सिंह ने कहा कि बजट में जम्मू कश्मीर में 50 लाख से कम वाले माइक्रो औद्योगिक इकाइयों को अधिक प्रोत्साहित करने का प्रावधान लाया जाए, बल्कि माइक्रो उद्योग के लिए बजट में अलग से पैकेज घोषित किया जाए। बजट में छोटे उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए, जिसमें बड़े उद्योग लगाकर अधिकतर छोटी औद्योगिक इकाइयों को जोड़कर रोजगार के साधन पैदा किए जाएं।

कोरोना से प्रभावित औद्योगिक क्षेत्र को मिले विशेष पैकेज
चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान अरुण गुप्ता ने कहा कि बजट में औद्योगिक विकास योजना के अलावा जम्मू संभाग में पर्यटन क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए नए प्रोजेक्ट दिए जाएं। जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुई परिस्थितियों में जम्मू संभाग बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसके लिए विशेष पैकेज घोषित करके औद्योगिक व अन्य क्षेत्रों के  लोगों को राहत दी जाए। इसके साथ आयकर लिमिट को बढ़ाया जाए।

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