जम्मू-कश्मीर: सोपोर नप दफ्तर पर हमले में पाकिस्तानी आतंकी भी थे शामिल
- सोपोर नपकार्यालय पर हमले के साजिशकर्ता पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से ले रहे थे निर्देश
- मददगारों ने कबूला आतंकी मदस्सिर व उनके साथियों की करते थे सहायता
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सोपोर के एसएसपी सुधांशु वर्मा ने शनिवार को बताया कि स्थानीय आंतकी मुदस्सिर दो विदेशी आतंकी अहमद और अबू सरिया के साथ लश्कर के ओजीडब्ल्यू सैयद इमरान के कहने पर वहां एक रात रुका। मुदस्सिर ने जुनैद और उमैर को लश्कर के लिए काम करने के लिए तैयार किया और उन्हें पाकिस्तान में बैठे हैंडलर साजिद अली के संपर्क में लाया। ये लोग पाकिस्तान में बैठे आकाओं से निर्देश ले रहे थे।
एसएसपी ने बताया कि उमैर और इमरान को भी उठाया गया। उन्होंने कबूला कि वे भी लश्कर के लिए काम कर रहे थे और सक्रिय आतंकियों को सोपोर में हर मदद प्रदान कर रहे थे। साथ ही उन दोनों ने बताया कि माज और साजिद के इशारों पर उसने लोन कांप्लेक्स सोपोर की भी रेकी की थी। इन संदिग्धों से पूछताछ के दौरान एक और ओजीडब्ल्यू का नाम सामने आया।
पुलिस ने बटपोरा के शाकिर युसूफ भट को गिरफ्तार किया, जिसने बताया कि वो मुदस्सिर का करीबी रिश्तेदार है और उसके आतंकवाद में शामिल होने से पहले एक साथ मैकेनिक का काम करते थे। उसने बताया कि वो मुदस्सिर और उसके साथियों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मदद किया करता था।
हमले से पहले कार्यालय की पूरी रैकी की
एसएसपी ने बताया कि आतंकी हमले को अंजाम देने से पहले आशिक अहमद के घर पर बनाए गए प्लान के मुताबिक साजिद के कहने पर मुदस्सिर ने अपने नेटवर्क को सक्रिय किया, जिसमें जुनैद, उमैर और इमरान शामिल थे। मुदस्सिर के कहने पर उमैर ने रेकी को अंजाम दिया।
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28 मार्च को आशिक ने भी हमले को अंजाम देने वाली जगह की रेकी की और 28 की शाम को शाकिर और उसके दोस्त फिरोज ने डांगरपोरा से मुदस्सिर और विदेशी आतंकी को बटपोरा लाया जहां वे फिरोज अहमद के घर पर रुके। एसएसपी ने बताया कि अगले दिन 29 मार्च को मुदस्सिर ने जुनैद और इमरान को म्युनिसिपल कार्यालय के नजदीक रहने को कहा और शाकिर ने मुदस्सिर और दूसरे आतंकी को अपनी बाइक पर अंदरूनी रास्तों से म्युनिसिपल कार्यालय तक पहुंचाया।
ओजीडब्ल्यू शाकिर की बाइक का हमले में किया इस्तेमाल
हमले को अंजाम देने से पहले मुदस्सिर ने जुनैद और इमरान को कांप्लेक्स में जाकर पुलिस और पार्षदों की मौजूदगी की जानकारी लाने को कहा। दोपहर करीब पौने एक बजे वो अंदर दाखिल हुए और हमले को अंजाम दिया। इसमें पार्षद रियाज अहमद व शमशुद्दीन मारे गए, जबकि एसपीओ शफात अहमद शहीद हो गए। पुलिस के अनुसार हमले को अंजाम देने के बाद वह फिर से शाकिर की बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। उसके बाद सोपोर पुलिस ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर धरपकड़ शुरू की।