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तीन साल में तीन बैट हमले कर चुका है पाकिस्तान, पहले हेमराज का सिर और अब नरेंद्र कुमार का गला काटा
अजय मीनिया, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:32 AM IST
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कारगिल युद्ध के समय से शुरू हुई पाकिस्तान की अमानवीय हरकतें अब तक जारी हैं। पाकिस्तान सेना, रेंजर और आतंकी मिलकर काम करते हैं और तीन साल में तीन बार भारतीय जवानों के साथ बर्बरता कर चुके हैं। पांच साल पहले बर्बरता से पाकिस्तानी सेना ने बैट टीम के साथ मिलकर सिपाही हेमराज का सिर काट दिया था। अब बीएसएफ के जवान नरेंद्र कुमार का गला रेतकर उसके शव से बर्बरता की।
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शहीद हेमराज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
8 जनवरी 2013 को पाकिस्तान की बैट टीम ने पुंछ जिले के मेंढर इलाके में एलओसी पर मनकोट नाले के पास सेना के गश्ती दल पर घात लगाकर हमला किया। इसमें लांस नायक हेमराज और लांस नायक सुधाकर सिंह शहीद हो गए। बैट टीम हेमराज का सिर काट कर अपने साथ ले गई। इसके बाद 5 अगस्त 2013 में सरला एरिया के पास पाकिस्तान की बैट टीम 500 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस आई। 22 सदस्यों वाली बैट टीम में पाकिस्तानी सेना, आतंकी, स्पेशल ग्रुप के कमांडो शामिल थे, जिन्होंने सेना के पांच जवानों को शहीद कर दिया।
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अमानवीय प्रताड़ना के बाद कर दी थी हत्या
Saurabh Kalia
1999 में कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के क्षेत्र में भटक कर पहुंचे कैप्टन सौरभ कालिया और पांच सिपाहियों को 20 से 22 दिन तक अमानवीय प्रताड़ना के बाद 6 और 7 जून 1999 के दौरान पाकिस्तानी सेना ने हत्या कर दी। बाद में शवों को सौंपा था। तब से लेकर अब तक ऐसा चलता आ रहा है।
आतंकवादी बन गए हैं पाक सैनिक
अनिल गुप्ता
पाकिस्तानी सेना अब आतंकवादी बन चुकी है, जो जिहाद के रास्ते पर चल रही है। वह आमने सामने की लड़ाई तो लड़ नहीं सकती इसलिए इस तरह की कायराना हरकतें करके भारत को कमजोर करने की कोशिश कर रह रही हैं। पाकिस्तानी सेना में इंसानियत नहीं है। बीएसएफ को भी चाहिए कि बार्डर पर लापरवाही से काम न हो। एसओपी का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए। बाकी बीएसएफ पाक सेना को इसका करारा जवाब देगी।
अनिल गुप्ता, रिटायर ब्रिगेडियर
अनिल गुप्ता, रिटायर ब्रिगेडियर
क्या है बैट टीम
स्पेशल ट्रेनिंग लिए कमांडो, पाकिस्तानी सेना, जैश ए मोहम्मद और लश्कर के आतंकवादी, एक कसाई बैट टीम का हिस्सा होते हैं। 12 से 20 लोगों का दल रहता है। इनके पास आधुनिक हथियार होते हैं। बैट टीम अपने क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में 500 मीटर तक अंदर घुसकर घात लगाकर हमला करती है। बैट की कार्रवाई ज्यादा से ज्यादा से 2 से 5 मिनट के बीच होती है। टीम में शामिल कसाई उस जवान के शरीर को अंग भंग करता है, जिसे बैट के अन्य सदस्य मार देते हैं। इसके लिए कसाई एक ऐसे चाकू का इस्तेमाल करता है, जो चंद सेकेंड में शरीर के हिस्से काट देता है।