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जम्मू-कश्मीर: संवेदनशील सूचनाएं और स्कैन दस्तावेज अपलोड न करें अधिकारी, जारी हुई एडवाइजरी
Sat, 02 Oct 2021 01:08 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sat, 02 Oct 2021 01:08 PM IST
सार
साइबर अटैक से निपटने के लिए सरकारी कार्यालयों को जारी हुई एडवाइजरी। ऐसे में ई-ऑफिस के माध्यम से संवेदनशील सूचनाओं और इससे जुड़े स्कैन दस्तावेज को अपलोड न करने की सलाह दी गई है।
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साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के विज्ञान और तकनीकी विभाग ने सरकारी कार्यालयों को एडवाइजरी जारी कर साइबर अटैक से निपटने के लिए सतर्क किया है। ई-ऑफिस के माध्यम से संवेदनशील सूचनाओं और इससे जुड़े स्कैन दस्तावेज को अपलोड न करने को कहा गया है। नागरिक सचिवालय और राजभवन समेत प्रदेश के अधिकतर सरकारी कार्यालयों में डिजिटल माध्यम से सरकारी कामकाज पिछले कुछ अर्से से चल रहा है।
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ऐसे में साइबर अटैक से सिस्टम में कोई बाधा न आए इसको लेकर सलाह जारी की गई है। विज्ञान और तकनीकी विभाग के प्रशासनिक सचिव अमित शर्मा की तरफ से जारी आदेश के तहत साइबर सिक्योरिटी अटैक कई प्रकार के होते हैं। इनमें मैलवेयर, फिशिंग अटैक, डेनायल ऑफ सर्विस, मैन इन द मिडिल आदि शामिल हैं, जो सिस्टम को हैक करने का काम करते हैं।
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प्रदेश के सरकारी विभागों का कामकाज ई-ऑफिस सिस्टम से होने से सरकारी वेबसाइटों के अलावा डेनायल ऑफ सर्विस, मैन इन द मिडिल आदि का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में ई-ऑफिस के माध्यम से संवेदनशील सूचनाओं और इससे जुड़े स्कैन दस्तावेज को अपलोड न करने की सलाह दी गई है। ऐसे में सरकारी कार्यालयों के संबंधित अधिकारियों से कहा गया कि वह साइबर सुरक्षा को अपनाएं। आधुनिक एंटीवायरस और एंटी मालवेयर सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें।
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साइबर सिक्योरिटी कंप्यूटर को वायरस फार्म स्पाइवेयर और दूसरे प्रोग्राम को सुरक्षित करता है। डाटा को सुरक्षित रखता हैं। कंप्यूटर को हैक होने से सुरक्षित रखता हैं। कंप्यूटर फ्रीजिंग और क्रश का काम करता है। सरकारी कार्यालयों से कहा गया है कि अगर मैलवेयर, फिशिंग अटैक, डेनायल आफ सर्विस, मैन इन द मिडिल आदि से सिस्टम हैक होने जैसी कोई समस्या हो तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाए।