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नौगाम में 2 आतंकवादी ढेर, मारा गया आतंकी सब्जार ने पीएचडी में लिया था प्रवेश, अलगाववादियों का बंद आज

Thu, 25 Oct 2018 04:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर Updated Thu, 25 Oct 2018 04:48 AM IST
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Jammu And Kashmir Nowgam encounter killed terrorist sabzar taken admission in PhD

नौगाम के वन्नबल में बुधवार सुबह सुरक्षाबलों ने हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों को मार गिराया। उनकी पहचान हिजबुल के जिला कमांडर सब्जार अहमद सोफी व आसिफ अहमद गोजरी के रूप में हुई है। मुठभेड़ के बाद श्रीनगर और अनंतनाग समेत कई स्थानों पर हिंसा भड़क उठी। इसमें कई पुलिस वाले घायल हुए हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में स्कूल व कॉलेज बंद करवा दिया और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पर भी रोक लगा दी है। अफवाह फैली कि आतंकी सब्जार दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से वनस्पति विज्ञान (बॉटनी) में पीएचडी कर रहा था। देर शाम जामिया विश्व विद्यालय ने एक विज्ञप्ति जारी कर इस सूचना को गलत करार दिया।

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सड़क पर उतरे लोग
आतंकियों के मारे जाने की सूचना फैलते ही श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा व शोपियां में उपद्रवी सड़क पर उतर आए। उन्होंने सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें कई जवान चोटिल हो गए। स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों ने पहले आंसू गैस के गोले दागे उसके बाद पैलेट गन का सहारा लिया। प्रभावित इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
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पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
रविवार को कुलगाम में आतंकियों के मारे जाने के तुरंत बाद मुठभेड़ स्थल पर जमा हुई भीड़ एक विस्फोट का शिकार हो गई थी। इसमें सात नागरिक मारे गए थे। उस घटना से सबक लेते हुए बुधवार को पुलिस ने आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि जब तक इलाके की सफाई न हो जाए मुठभेड़ स्थल पर  न जाएं।

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अलगाववादियों ने वीरवार को बंद बुलाया

अलगाववादी संगठनों (जेआरएल) ने नौगाम में हिजबुल कमांडर सब्जार अहमद व उसके उसके साथी आसिफ अहमद के मारे जाने के विरोध में वीरवार को बंद  का आह्वान किया है। जेआरएल के नेताओं सैय्यद अली गीलानी, मीरवाइज उमर फारुक और यासीन मलिक ने लोगों से शुक्रवार को भी प्रदर्शन करने के लिए कहा है।

सब्जार इस साल मारे जाने वाला चौथा सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा आतंकवादी 
हिजबुल कमांडर सब्जार अहमद सोफी सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा जाने वाला इस साल का चौथा सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा आतंकी है। उसने बुरहान अहमद वानी के मारे जाने के बाद 2016 में आतंकी संगठन ज्वाइन किया था। इस माह के पहले पखवाड़े में  कुपवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व स्कालर मन्नान वानी को मार गिराया था। वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का शोधार्थी रह चुका था।

इससे पहले कश्मीर विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर मोहम्मद रफी भट्ट को आतंकी बनने के दो दिन बाद शोपिया जिले में ढेर कर दिया गया था। एक अन्य आतंकी एसा फजली जो बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय का इंजीनियरिंग छात्र भी इसी साल सुरक्षाबलों की गोली का शिकार बना था। तहरीक-ए-हुर्रियत के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ सेहराई का का बेटा व एमबीए छात्र जुनैद अशरफ सेहराई ने अक्तूबर में ही आतंकी संगठन ज्वाइन कर लिया था। उसकी फोटो सोशल मीडिया में वायरल हुई थी।

एमएससी, एमफिल करने के बाद पीएचडी में लिया था प्रवेश

आतंकी सब्जार सोफी ने वर्ष 2013-14 में भोपाल की बरकल उल्ला विश्वविद्यालय से एमएससी किया था। इसके बाद ग्वालियर स्थित जीवाजी विवि से एमफिल करने के बाद नीट और जेआरएफ की परीक्षा पास की। 2016 में पीएचडी में प्रवेश लिया। इसके बाद लोक संघ सेवा आयोग की परीक्षा पास करने के लिए कोचिंग शुरू की। बताया जा रहा है कि सोफी ने नैना इलाके में गरीब बच्चों को भी पढ़ना शुरू किया था। बुरहान बानी के मारे जाने के बाद वह घर से लापता हो गया था। तीन महीने बाद घर वालों को उसके आतंकी संगठन ज्वाइन करने का पता चला था।

आतंकी सब्जार जामिया का छात्र नहीं
कश्मीर में मारा गया आतंकी सब्जार अहमद सोफी जामिया मिल्लिया इस्लामिया का छात्र नहीं है। जामिया प्रबंधन का कहना है कि रिसर्च विभाग के रिकॉर्ड में उक्त नाम का कोई छात्र नहीं है। आतंकी का नाम जामिया के पूर्व छात्र के रूप में जोड़ने से जामिया का नाम खराब हुआ है।

जामिया प्रबंधन के मुताबिक, जामिया में बॉटनी विभाग ही नहीं है तो हम बॉटनी में पीएचडी की पढ़ाई कैसे करवा सकते हैं? जामिया प्रबंधन ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर पीएचडी छात्रों का रिकॉर्ड जांचा है। साथ ही बायो साइंस, बायो टेक्नोलॉजी व अंतर विभाग रिसर्च के छात्रों के नाम की वर्तमान व पूर्व छात्रों के नाम की सूची भी जांची है। इसके तहत उक्त नाम का कोई पीएचडी या रिसर्च में छात्र रजिस्टर्ड नहीं है। जामिया ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से बिना सत्यापन किसी भी आतंकी का नाम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र के रूप में न जोड़ने की अपील की है।

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