गंदे नालों से प्रदूषित हो रही सूर्यपुत्री तवी नदी का जल साफ और निर्मल होगा, डीपीआर तैयार
गंदे नालों से प्रदूषित हो रही सूर्यपुत्री तवी नदी का जल साफ और निर्मल होगा। नदी में गंदगी घोलने वाले कुल 18 नालों को डायवर्ट कर पीरखो और भगवती नगर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाएगा। तवी नदी को पीरखो, गुज्जर नगर, प्रेम नगर, कासिम नगर, रिहाड़ी, कृष्णा नगर, राजेंद्र नगर और भगवती नगर के गंदे नाले दूषित करते हैं। प्रोजेक्ट पर 43.49 करोड़ का खर्च आएगा। अर्बन इनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (यूईईडी) ने डीपीआर तैयार कर ली है।
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यूईईडी के अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार गुप्ता ने नगर निगम के मेयर चंद्रमोहन गुप्ता के समक्ष डीपीआर का प्रस्तुतिकरण कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तवी में शहर के नाले गिरते हैं। गंदगी नदी में जाने से जल प्रदूषण होता है। नदी के दाहिने और बाएं तट से इन सभी नालों को भगवती नगर और पीरखो में प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाएगा। पीरखो में ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 10 जीएमडी होगी जबकि इसके अलावा पांच और सब टैंक बनाए जाएंगे।
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ये है योजना
नालों के पानी को गेट लगाकर रोका जाएगा। पहले चरण में प्लास्टिक अलग किया जाएगा और पानी को आगे ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा। पानी साफ होने के बाद नदी में फेंका जाएगा। पीरखो में तमाम नालों का कंट्रोल रूम होगा। मोबाइल या फिर कंप्यूटर के माध्यम से गेट खुलेंगे। इसे स्काडा के तहत थ्री टायर सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसे मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा जा रहा है। निगम प्रयास करेगा कि जल्द से जल्द परियोजना के लिए पैसा उपलब्ध हो जाए।- चंद्र मोहन गुप्ता, मेयर, नगर निगम
तवी से लिफ्ट होता है 30 जीएमडी पानी
तवी नदी से जलशक्ति विभाग 30 जीएमडी पानी लिफ्ट कर ट्रीट करता है। यही पानी लोगाें को पीने के लिए सप्लाई किया जाता है। गर्मी के सीजन में पानी को साफ करने में कई दिक्कतें आती हैं।