फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu and kashmir government will not conduct the screening of RET teachers

जम्मू-कश्मीर सरकार नहीं कराएगी आरइटी शिक्षकों की स्क्रीनिंग

Sat, 25 Mar 2017 11:17 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 25 Mar 2017 11:17 AM IST
विज्ञापन
jammu and kashmir government will not conduct the screening of RET teachers
जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : FILE PHOTO

जम्मू कश्मीर सरकार के शिक्षा मंत्री सईद अल्ताफ बुखारी ने कहा कि रियासत में करीब 41 हजार रहबर-ए-तालीम शिक्षकों (आरईटी) को राहत देते हुए सरकार ने उनकी स्क्रीनिंग नहीं कराने का फैसला लिया है।

विज्ञापन


इनमें मात्र 400 ऐसे शिक्षकों की ही स्क्रीनिंग की जाएगी, जिन्होंने स्टडी सेंटरों से डिग्रियां ली हैं। ऐसे शिक्षकों को दो बार मौका दिया जाएगा। साथ ही उनके लिए होने वाली परीक्षा में आठवीं कक्षा स्तर का पाठ्यक्रम होगा। 
विज्ञापन


शिक्षकों को पूरी तरह से अकादमिक गतिविधियों में शामिल करने के लिए घाटी में आगामी लोकसभा उप चुनाव सहित अन्य व्यवस्थाओं में उनकी सेवाएं नहीं ली जाएंगी। इसके लिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के निर्देश पर मंडलायुक्त कश्मीर और जम्मू को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

'पानी की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए विशेष राशि लाई जाएगी'

jammu and kashmir government will not conduct the screening of RET teachers
पानी की व्यवस्थाओं में सुधार - फोटो : Demo Pic.

शुक्रवार को पत्रकारों से बुखारी ने कहा कि 30 अप्रैल तक रहबर-ए-तालीम और अन्य दूसरे शिक्षकों का लंबित वेतन जारी कर दिया जाएगा। केंद्र ने बकाया राशि शीघ्र जारी करने का भरोसा दिया है। शिक्षा विभाग में तबादला नीति में पारदर्शिता लाई जाएगी। जिन जगहों पर शिक्षकों की जरूरत है वहां उन्हें भेजा जाएगा।

स्कूल भवनों सहित अन्य निर्माण के लिए शिक्षा विभाग में इंजीनियरिंग विंग का गठन किया जाएगा। मिड डे मील में शिक्षकों के बजाय एनजीओ की सेवाएं लेने पर काम किया जाएगा। उन्होंने सरकारी स्कूलों में बच्चों के कम रुझान पर हामी भरते हुए कहा कि निजी स्कूलों की फीस व्यवस्था का अधिकार न्यायालय की ओर से गठित फीस कमेटी के पास है। इसमें सरकार कोई फेरबदल नहीं करती है। स्कूल, कालेजों में शौचालय, पानी की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए विशेष राशि लाई जाएगी। 

सरकारी स्कूलों में नतीजों के आधार पर शिक्षकों को पदोन्नति मिलेगी। कांट्रैक्चुअल शिक्षकों की भूख हड़ताल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि फिलहाल कांट्रैक्चुअल शिक्षकों के लिए कोई नीति नहीं है, अकादमिक व्यवस्थाओं में उनके साथ एक एक साल का अनुबंध किया जाता है, लेकिन अगर सरकार कोई नीति बनाती है तो उस पर काम किया जाएगा। एसआरओ 66 पर काम किया जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed