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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, अल-बदर संगठन के 4 आतंकी भारी हथियारों के साथ गिरफ्तार

Sun, 26 Aug 2018 10:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Sun, 26 Aug 2018 10:24 AM IST
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Jammu And Kashmir Four terrorists arrested after a brief gunfight with security forces in Handwara
सेना और पुलिस ने मिलकर पकड़े चार आतंकी - फोटो : अमर उजाला
उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा में सुरक्षा बलों ने रविवार को अल-बदर के चार आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी आतंकी एलओसी पार जाने की फिराक में थे। इन सभी आतंकियों का हथियार के साथ फोटो सोशल मीडिया पर शनिवार को ही वायरल हुआ था। अल-बदर के तीन आतंकी इन्हें एलओसी पार भेजने के लिए गाइड कर रहे थे जो मौके से फरार हो गए। इनकी तलाश में अभियान चलाया गया है। 
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सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि कलारूस इलाके के नाग डगी जंगल में आतंकी मौजूद हैं। सूचना पर इलाके की घेराबंदी की गई उसी ऑपरेशन में चारों आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से हथियार और गोला बारूद भी बरामद किया गया है। गिरफ्तार आतंकियों की शिनाख्त उमर बशीर शेख (23), दानिश खाजेर शेख (22), वसीम अहमद खान (23) व ताहिर हबीब भट के रूप में हुई हैं। 
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एक आतंकी एमबीए का छात्र
वसीम एमबीए का छात्र है जबकि उमर ने आपरेशन थियेटर (शल्य चिकित्सा) में डिप्लोमा कर रखा है। एसएसपी ऑपरेशन कुपवाड़ा शफाकत हुसैन ने बताया कि पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ की जा रही है।  
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2009-10 में इस संगठन का हो चुका था खात्मा

Jammu And Kashmir Four terrorists arrested after a brief gunfight with security forces in Handwara
सोशल मीडिया पर वायरल की थी आतंकियों ने तस्वीर
सेना के अनुसार अल बदर एक बार फिर से उत्तरी कश्मीर में अपने पैर जमाने की कोशिशें कर रहा है। सैन्य सूत्रों ने बताया कि 2009-10 में इस संगठन का उत्तरी कश्मीर से पूरी तरह से खात्मा कर दिया गया था। इसके बाद लश्कर इलाके में सक्रिय हो गया था। लेकिन अब लश्कर की जड़े कमजोर होती दिख रही है। 

यही कारण है कि अल-बदर दोबारा से पैर जमाने की कोशिश में है। एक कारण यह भी हो सकता है कि लश्कर एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है और अल-बदर नहीं। अल-बदर के लश्कर से ही टूटकर बने होने के चलते इसे ही ज्यादा सक्रिय करने की एक सोची समझी साजिश हो। 

वहीं बता दें कि वर्ष 2018 मौजूदा आंकों के अनुसार स्थानीय भर्ती में पिछले कई वर्षों के मुकाबले सबसे आगे पहुंच चुका है। अभी तक के आंकों की बात करें तो यह आंका 140 के करीब पहुंच चुका है।
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