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जम्मू कश्मीर: पहली बार बने विधायक भी पाएंगे 60 हजार पेंशन, मेडिकल अलाउंस भी मिलेगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 03 Dec 2018 06:59 AM IST
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विधानसभा भंग होने के बाद भी नए विधायकों को पचास हजार पेंशन और दस हजार रुपये भत्ते के रूप में मिलेगा। इसके अलावा मेडिकल अलाउंस पांच हजार की जगह दस हजार रुपये कर दिया गया है।
पहली बार विधायक बनने वालों को अब हर महीने 60 हजार रुपये प्रति माह पेंशन के तौैर पर मिलेंगे। पुराने विधायक उनसे अधिक पेंशन पाने के हकदार हैं।
विधानसभा में विधायकों का वेतन बढ़ाने के लिए फरवरी 2018 में पेश किए गए प्रस्ताव पर सरकार ने मंजूरी दे दी है। राज्य में सरकार के फरवरी के प्रस्ताव को अप्रैल महीने में मंजूरी के बाद विधायकों को विधानसभा भंग होने के बाद भी आर्थिक तंगी से नहीं गुजरना पड़ेगा।
गौरतलब है राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने 21 नवंबर को जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग कर दी थी। इसके बाद भी पहली बार विधायक बनने वाले पेंशन पाने के हकदार होंगे।
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पहली बार विधायक बनने वालों को अब हर महीने 60 हजार रुपये प्रति माह पेंशन के तौैर पर मिलेंगे। पुराने विधायक उनसे अधिक पेंशन पाने के हकदार हैं।
विधानसभा में विधायकों का वेतन बढ़ाने के लिए फरवरी 2018 में पेश किए गए प्रस्ताव पर सरकार ने मंजूरी दे दी है। राज्य में सरकार के फरवरी के प्रस्ताव को अप्रैल महीने में मंजूरी के बाद विधायकों को विधानसभा भंग होने के बाद भी आर्थिक तंगी से नहीं गुजरना पड़ेगा।
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गौरतलब है राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने 21 नवंबर को जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग कर दी थी। इसके बाद भी पहली बार विधायक बनने वाले पेंशन पाने के हकदार होंगे।
वर्ष 2014 के चुनावों में पहली बार सबसे अधिक भाजपा और पीडीपी के विधायक बने हैं। विधायक वेतन एवं पेंशन रूल 1985 के तहत एमएलए को पेंशन का हकदार माना गया। हालांकि पहले यह पेंशन छह साल का कार्यकाल पूरा करने पर दी जाती थी।
इस रूल को बदलने पर पांच साल और तीन साल का कार्यकाल पूरा करने पर भी विधायकों को पेंशन पाने का हक मिला। वर्ष 2008 में विधायकों की पेंशन 35 हजार और पांच हजार रुपये हर महीने भत्ता दिए जाने का प्रावधान रखा गया। इसमें मेडिकल अलाउंस पांच हजार रुपये था।
शपथ के बाद ही हो गए पेंशन के हकदार
विधानसभा के पूर्व सहायक सचिव रमेश शर्मा के अनुसार अप्रैल माह में कुछ संशोधन किया गया था। विधायकों को शपथ के बाद से पेंशन का हकदार माना गया। उनका पचास हजार रुपये पेंशन और मेडिकल अलाउंस दस हजार कर दिया गया। विधायकों का वेतन प्रति माह सवा लाख रुपये के करीब है।
इस रूल को बदलने पर पांच साल और तीन साल का कार्यकाल पूरा करने पर भी विधायकों को पेंशन पाने का हक मिला। वर्ष 2008 में विधायकों की पेंशन 35 हजार और पांच हजार रुपये हर महीने भत्ता दिए जाने का प्रावधान रखा गया। इसमें मेडिकल अलाउंस पांच हजार रुपये था।
शपथ के बाद ही हो गए पेंशन के हकदार
विधानसभा के पूर्व सहायक सचिव रमेश शर्मा के अनुसार अप्रैल माह में कुछ संशोधन किया गया था। विधायकों को शपथ के बाद से पेंशन का हकदार माना गया। उनका पचास हजार रुपये पेंशन और मेडिकल अलाउंस दस हजार कर दिया गया। विधायकों का वेतन प्रति माह सवा लाख रुपये के करीब है।