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जम्मू: डीजीपी बंगले पर चली गोली, इलाज के दौरान कांस्टेबल की मौत, अगले महीने थी बेटी की शादी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:07 AM IST
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घायल पुलिस कांस्टेबल को आईसीयू में शिफ्ट करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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डीजीपी बंगले में तैनात हेड कांस्टेबल अपनी ही कारबाइन से गोली चलने से सोमवार को घायल हो गया था। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कहा जा रहा है उसने आत्महत्या की कोशिश की।
लेकिन पुलिस का कहना है कि गोली दुर्घटनावश चली या फिर उसने खुद चलाई, फिलहाल यह जांच का विषय है। मृत कांस्टेबल बिक्रम चौक स्थित डीजीपी आवास पर तैनात गारद का इंचार्ज था। उसे जीएमसी में भर्ती कराया गया था, उसकी हालत सोमवार को ही नाजुक बनी हुई थी।
कांस्टेबल सुभाष शर्मा (52) मूल रूप से नौशेरा का रहने वाला था। वह आईआरपी की 12 बटालियन में तैनात था। इस समय सतवारी के अजीत नगर में रहता था। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बैरक से अचानक एक के बाद एक करीब पांच राउंड फायरिंग की आवाज से हड़कंप मच गया। उस समय बैरक में सिर्फ सुभाष ही था।
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फायरिंग की आवाज से गेट पर तैनात संतरी सतर्क हो गया और मोर्चा संभाल लिया,अन्य पुलिस कर्मी भी अलर्ट हो गए। जब पुलिस वाले बैरक तक पहुंचे तो सुभाष खून से लथपथ पड़ा मिला। घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। नेहरू मार्केट पुलिस चौकी से जवान मौके पर पहुंच गए।
सुभाष को जीएमसी में भर्ती कराया गया है। करीब तीन घंटे आपरेशन करने के बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था। डॉक्टरों के अनुसार गोली निकाल दी गई थी, लेकिन हालत गंभीर बनी हुई थी।
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लेकिन पुलिस का कहना है कि गोली दुर्घटनावश चली या फिर उसने खुद चलाई, फिलहाल यह जांच का विषय है। मृत कांस्टेबल बिक्रम चौक स्थित डीजीपी आवास पर तैनात गारद का इंचार्ज था। उसे जीएमसी में भर्ती कराया गया था, उसकी हालत सोमवार को ही नाजुक बनी हुई थी।
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कांस्टेबल सुभाष शर्मा (52) मूल रूप से नौशेरा का रहने वाला था। वह आईआरपी की 12 बटालियन में तैनात था। इस समय सतवारी के अजीत नगर में रहता था। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बैरक से अचानक एक के बाद एक करीब पांच राउंड फायरिंग की आवाज से हड़कंप मच गया। उस समय बैरक में सिर्फ सुभाष ही था।
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फायरिंग की आवाज से गेट पर तैनात संतरी सतर्क हो गया और मोर्चा संभाल लिया,अन्य पुलिस कर्मी भी अलर्ट हो गए। जब पुलिस वाले बैरक तक पहुंचे तो सुभाष खून से लथपथ पड़ा मिला। घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। नेहरू मार्केट पुलिस चौकी से जवान मौके पर पहुंच गए।
सुभाष को जीएमसी में भर्ती कराया गया है। करीब तीन घंटे आपरेशन करने के बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था। डॉक्टरों के अनुसार गोली निकाल दी गई थी, लेकिन हालत गंभीर बनी हुई थी।
एक्स रे में दिखीं गोलियां
घायल कांस्टेबल के शरीर में करीब छह गोलियां दिख रही थीं। उन्हें अॉपरेशन कर निकाल दिया गया। उसके शरीर से काफी खून बह चुका था।
खाली था डीजीपी आवास
डीजीपी दिलबाग सिंह ने अभी इस आवास में शिफ्ट नहीं किया है। वह कहीं और रहे हैं।
अगले महीने बेटी की थी शादी
पुलिस के अनुसार, सुभाष की बेटी की अगले महीने शादी थी। वह इसी की तैयारियों में लगा हुआ था। सुभाष की पत्नी और बेटियां अस्पताल पहुंचीं। यहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। वह किसी से कोई बात भी नहीं कर पा रही थी।
ये सवाल उठ रहे
सुभाष ने क्या खुद को गोली मारी या दुर्घटनावश चली, यह अभी पता नहीं है। अगर गोली खुद चलाई तो क्यों चलाई। क्या वह किसी परेशानी में थे। फिलहाल, यह सब अभी जांच का विषय है।
खाली था डीजीपी आवास
डीजीपी दिलबाग सिंह ने अभी इस आवास में शिफ्ट नहीं किया है। वह कहीं और रहे हैं।
अगले महीने बेटी की थी शादी
पुलिस के अनुसार, सुभाष की बेटी की अगले महीने शादी थी। वह इसी की तैयारियों में लगा हुआ था। सुभाष की पत्नी और बेटियां अस्पताल पहुंचीं। यहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। वह किसी से कोई बात भी नहीं कर पा रही थी।
ये सवाल उठ रहे
सुभाष ने क्या खुद को गोली मारी या दुर्घटनावश चली, यह अभी पता नहीं है। अगर गोली खुद चलाई तो क्यों चलाई। क्या वह किसी परेशानी में थे। फिलहाल, यह सब अभी जांच का विषय है।