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विधानसभा में महबूबा मुफ्ती बोलीं- बिना जंग भारत-पाक को साथ रहना सीखना पड़ेगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 24 Jan 2018 09:21 PM IST
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बिना जंग के भारत और पाकिस्तान दोनों मुल्कों को साथ रहना सीखना पड़ेगा। सीमांत इलाकों में बंकर बनाना ही समस्या का हल नहीं है। दोनों मुल्कों में सुलह ही समस्या का असली हल है।
विधान परिषद में बुधवार को प्रश्न काल के दौरान सदस्य कैसर जमशेद लोन, प्रदीप शर्मा और यशपाल शर्मा के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ये बातें कहीं। महबूबा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान में कहा गया है कि कितना अच्छा होती कि भारत-पाकिस्तान दोनों मुल्क गरीबी के खिलाफ लड़ते।
पाकिस्तान को हमारे प्रधानमंत्री की बात को गंभीरता से लेना चाहिए। वह छोटा मुल्क है और वहां भी गरीबी बहुत ज्यादा है। सीमा पर गोलाबारी से यहां भी नुकसान होता है और वहां भी। सीमांत इलाकों के लोगों को जान के लाले पड़े हैं।
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अफसोस होता है और शर्म भी आती है। दुनिया आधुनिक युग में कहां से कहां पहुंच गई है और हम पुराने जमाने की तरह गुफा बनाकर जान बचाने की सोच रहे हैं। यहां बड़े-बड़े शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल आदि बनने चाहिए, वहां बंकर, बुलेट प्रूफ एंबुलेंस की मांग होती है। कब तक भारत-पाकिस्तान में जम्मू-कश्मीर जंग का अखाड़ा बना रहेगा।
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विधान परिषद में बुधवार को प्रश्न काल के दौरान सदस्य कैसर जमशेद लोन, प्रदीप शर्मा और यशपाल शर्मा के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ये बातें कहीं। महबूबा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान में कहा गया है कि कितना अच्छा होती कि भारत-पाकिस्तान दोनों मुल्क गरीबी के खिलाफ लड़ते।
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पाकिस्तान को हमारे प्रधानमंत्री की बात को गंभीरता से लेना चाहिए। वह छोटा मुल्क है और वहां भी गरीबी बहुत ज्यादा है। सीमा पर गोलाबारी से यहां भी नुकसान होता है और वहां भी। सीमांत इलाकों के लोगों को जान के लाले पड़े हैं।
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अफसोस होता है और शर्म भी आती है। दुनिया आधुनिक युग में कहां से कहां पहुंच गई है और हम पुराने जमाने की तरह गुफा बनाकर जान बचाने की सोच रहे हैं। यहां बड़े-बड़े शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल आदि बनने चाहिए, वहां बंकर, बुलेट प्रूफ एंबुलेंस की मांग होती है। कब तक भारत-पाकिस्तान में जम्मू-कश्मीर जंग का अखाड़ा बना रहेगा।
Mehbooba Mufti
- फोटो : File Photo
पाकिस्तान में सिटी बजती है और सीमा के आसपास रहने वाले लोग गांव खाली कर देते हैं। यहां लोकतंत्र मजबूत है। ऐसा नहीं है। हालात ऐसे हैं कि बंकर बनाना समय की जरूरत है। केंद्र सरकार खुद बंकरों का निर्माण करना चाहती है।
इससे पूर्व नेकां सदस्य कैसर जमशेद लोन, भाजपा के प्रदीप शर्मा और पीडीपी के यशपाल शर्मा ने गोलाबारी से सीमांत इलाकों में हुई तबाही की तरफ सरकार का ध्यान दिलाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की तरफ से लिखित जवाब में बताया गया कि पिछले दो सालों में रियासत में सीमा पार से गोलीबारी में 26 लोगों की जान गई है।
इससे पूर्व नेकां सदस्य कैसर जमशेद लोन, भाजपा के प्रदीप शर्मा और पीडीपी के यशपाल शर्मा ने गोलाबारी से सीमांत इलाकों में हुई तबाही की तरफ सरकार का ध्यान दिलाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की तरफ से लिखित जवाब में बताया गया कि पिछले दो सालों में रियासत में सीमा पार से गोलीबारी में 26 लोगों की जान गई है।