हाईवे पर पुलवामा दोहराने की कोशिश, जवाहर टनल के पास सीआरपीएफ काफिले से टकराई सेंट्रो कार, धमाका
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यह घटना शनिवार सुबह 10.30 मिनट पर हुई। श्रीनगर से जम्मू की तरफ सीआरपीएफ का काफिला आ रहा था। जवाहर टनल के थोड़ा आगे एक मोड़ पर पीछे से सफेद रंग की सेंट्रो कार आई। कार का पिछला कोना सीआरपीएफ की बस से टकराया। इससे कार साइड पर हो गई। इससे पहले की सीआरपीएफ के जवान कुछ समझ पाते कार में जोरदार धमाका हुआ। इससे कार के परखच्चे उड़ गए। कार चालक के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है। धमाका किसकी वजह से हुआ है? इसके बारे भी जांच एजेंसियां पता लगाने में लगी हुई है। हादसे के बाद पूरे इलाके को सेना, सीआरपीएफ, पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने घेर लिया है।
कार के चेसिस नंबर से मालिक तक पहुंचने की कोशिश
हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे उस पर लगा नंबर भी मिट गया है। अब सुरक्षा एजेंसियां गाड़ी का चेसिस तथा इंजन नंबर से उसके मालिक की तलाश करने में जुटी हैं।
एफएसएल की टीम ने सैंपल लिए
शुरूआती जांच में पता चला है कि कार में एक सिलेंडर 19 किलो और दूसरा 5 किलो वाला था। इस पहलू पर भी जांच की जा रही है कि इसमें कोई विस्फोट सामग्री का इस्तेमाल तो नहीं हुआ। एफएसएल और विशेषज्ञों की टीम ने मौके से कई तरह के सैंपल उठाए हैं। कार का चालक मौके से फरार हो गया। संभव है कि उसे चोट आई होगी और वह कहीं इलाज कराने गया होगा। इसका भी पता लगाया जा रहा है। - अनीता शर्मा, एसएसपी, रामबन
सीआरपीएफ को कोई नुकसान नहीं
पांच घंटे रोका गया काफिला
इस घटना के बाद काजीगुंड में सीआरपीएफ के वाहनों को रोक दिया गया। करीब पांच घंटे तक काजीगुंड से लेकर रामबन तक हाइवे को खंगालने के बाद सीआरपीएफ के काफिले को आगे बढ़ने की मंजूरी दी गई।
पुलवामा में हुआ था इसी तरह का हमला
अभी एक महीना पहले ही 14 फरवरी को पुलवामा में इसी तरह का हमला हुआ था। हाइवे पर एक आत्मघाती आतंकी ने सीआरपीएफ वाहन को टक्कर मार दी। कार में 200 किलो विस्फोटक सामग्री थी। इससे सीआरपीएफ का वाहन उड़ा दिया गया। हादसे में 40 जवान शहीद हो गए थे।