जम्मू-कश्मीरः घाटी से लौटे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, सियासी हलचल हुई तेज, कांग्रेस का पारा हाई
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भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र रैना करीब सप्ताह भर कश्मीर में रहने के बाद शुक्रवार को जम्मू वापस लौट आए। पार्टी सूत्रों के अनुसार अपने कश्मीर दौरे के दौरान रैना ज्यादा श्रीनगर में रहे और उन्होंने कश्मीर इकाई के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका हौंसला बढ़ाया। इसके अलावा घाटी के हालात की जानकारी हासिल की।
रैना शनिवार को जम्मू में पार्टी के नेताओं और कार्यालय पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और आगामी दिनों भाजपा की ओर से चलाए जाने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी और उन्हें आखिरी रूप दिया जाएगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार 22 सितंबर को जम्मू में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की रैली के लिए भी तैयारी भाजपा शुरू कर चुकी है और इसके लिए प्रबंधों का जायजा रवींद्र रैना लेंगे। पार्टी आगामी दिनों बड़े पैमाने पर जन संपर्क अभियान चलाकर अनुच्छेद 370 के हटने के बाद यहां के लोगों को होने वाले लाभ की जानकारी देने के लिए कमर कस चुकी है।
सरकार गुमराह करना बंद करे
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में विशेष दर्जा खत्म करने और मौजूदा परिदृश्य पर असली आवाज को दबाने की कोशिश न करे। लोगों को गुमराह करने का काम न किया जाए। भाजपा जम्मू-कश्मीर में नए लोकतंत्र की बात कर रही है, लेकिन क्या उसे ही इसे अपनाने का अधिकार है।
कहा कि भाजपा द्वारा ही गतिविधियां की जा रही हैं, जबकि विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियां ठप हैं, यह पूरी तरह से असंवैधानिक है। अनुच्छेद 370 को खत्म करने और केंद्र शासित प्रदेश को लेकर विभिन्न पहलुओं पर लोग जागरूक नहीं हैं। सरकार अप्पर हाउस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष से मिले कवींद्र
वहीं सांसद जुगल किशोर शर्मा ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ शुक्रवार को जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए दस लाख की राशि मंजूर की। शर्मा ने वार्ड 29 राजपुरा क्षेत्र में जन समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा, सामुदायिक भवन से पूरे समाज को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में पिछले तीन सालों में व्यापक विकास हुआ है और इस क्षेत्र के लोगों ने भाजपा को हर चुनाव में पूरा समर्थन दिया है।
दुष्प्रचार का जवाब दे रही सरकार
अनुच्छेद 370 हटने के बाद से छंब विधानसभा क्षेत्र की एससी के लिए आरक्षित सीट के ओपन होने की क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। चर्चा है कि क्षेत्र की पांच पंचायतों के मौजूदा तथा एक पूर्व सरपंच जो कांग्रेस पार्टी के सरपंच बताए जा रहे हैं वह जल्द भाजपा में शामिल हो सकते हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि अगर यह सरपंच भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो छंब विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा झटका होगा।
कांग्रेस पार्टी के सरपंच इसलिए भाजपा में आ रहे हैं कि...
विधानसभा क्षेत्र में एससी के लिए आरक्षित सीट के ओपन हो जाने की चर्चा ने इस कदर जोर पकड़ा है कि क्षेत्र के सामान्य वर्ग के कई लोग एमएलए की टिकट की लाइन में हैं। चर्चा है कि टिकट के इच्छुक लोग ही अन्य पार्टियों को छोड़कर भाजपा में शामिल होने के लिए आ रहे हैं, लेकिन वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि कांग्रेस पार्टी के सरपंच इसलिए भाजपा में आ रहे हैं कि सरपंचों ने भी लोगों को पंचायतों का विकास कराने का आश्वासन देकर ही लोगों से वोट लिए हैं।
वह लोग अपनी पंचायतों का विकास कराने के लिए भाजपा का दामन थाम रहे हैं। वहीं क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि भाजपा विधानसभा छंब में एमएलए के लिए नया चेहरा लाएगी। इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि छंब विधानसभा क्षेत्र में भाजपा दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रही है।