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जम्मू-कश्मीर: सियोजधार में फंसे गुज्जर परिवार के लिए देवदूत बनी सेना
Sun, 30 May 2021 10:12 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sun, 30 May 2021 10:12 PM IST
सार
बैटल फील्ड नर्सिंग सहायक ने बीमार महिला की जांच कर दवाएं उपलब्ध करवाई।
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सेना
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विस्तार
उधमपुर जिले के डुडू से 35 किलोमीटर दूर दुर्गम पहाड़ों पर सियोज धार में गुज्जर परिवार के लिए सेना देवदूत बनकर पहुंची। परिवार की एक महिला काफी बीमार हो गई थी और आबादी से दूर इस इलाके में कोई स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में सेना की आवाम से समन्वय बनाने वाले गश्ती दल को महिला के बीमार होने की जानकारी मिली। बैटल फील्ड नर्सिंग सहायक ने बीमार महिला का ऑक्सीजन स्तर, ब्लड प्रेशर आदि जांचने के बाद परामर्श दिए और दवाएं भी उपलब्ध करवाई हैं।
परिवार के एक सदस्य ने बताया कि वे कठुआ जिले से 11 हजार फुट ऊंचाई पर सियोज धार पर पहुंचे थे, जहां मां की हालत खराब हो गई थी। बेचैनी महसूस करने के साथ ही परिवार के लिए भी दिक्कतें बढ़ गई थीं, क्योंकि आसपास कोई भी मेडिकल सुविधा नहीं थी। सेना की ओर से मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच करने के साथ ही दवाएं भी उपलब्ध करवाई हैं। उन्होंने सेना की टीम का आभार जताया है।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: महामारी के साथ महंगाई ने तड़के में लगाई आग, जानिए कितने बढ़ गए दालों के दाम
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ज्ञात रहे कि मैदानी इलाकों में पारा चढ़ने के साथ ही दर्जनों गुज्जर डेरे कठुआ से डोडा, उधमपुर, किश्तवाड़, रामबन आदि जगहों के लिए निकल पड़ते हैं। बीते महीने ही कठुआ जिले के बनी में पहाड़ों का रूख कर रहे ऐसे ही डेरे भारी बर्फबारी की चपेट में आ गए थे और कई सदस्य बीमार भी हो गए थे। बनी प्रशासन के साथ-साथ सेना ने उन तक भी राशन, दवा आदि की मदद पहुंचाई थी।
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परिवार के एक सदस्य ने बताया कि वे कठुआ जिले से 11 हजार फुट ऊंचाई पर सियोज धार पर पहुंचे थे, जहां मां की हालत खराब हो गई थी। बेचैनी महसूस करने के साथ ही परिवार के लिए भी दिक्कतें बढ़ गई थीं, क्योंकि आसपास कोई भी मेडिकल सुविधा नहीं थी। सेना की ओर से मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच करने के साथ ही दवाएं भी उपलब्ध करवाई हैं। उन्होंने सेना की टीम का आभार जताया है।
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ज्ञात रहे कि मैदानी इलाकों में पारा चढ़ने के साथ ही दर्जनों गुज्जर डेरे कठुआ से डोडा, उधमपुर, किश्तवाड़, रामबन आदि जगहों के लिए निकल पड़ते हैं। बीते महीने ही कठुआ जिले के बनी में पहाड़ों का रूख कर रहे ऐसे ही डेरे भारी बर्फबारी की चपेट में आ गए थे और कई सदस्य बीमार भी हो गए थे। बनी प्रशासन के साथ-साथ सेना ने उन तक भी राशन, दवा आदि की मदद पहुंचाई थी।