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Jammu News: जम्मू-कश्मीर में 8वीं आर्थिक जनगणना की तैयारी
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सरकारी या निजी नौकरी, आय, व्यवसाय आदि का विवरण दर्ज होगा
आर्थिक गणना के आधार पर अर्थव्यवस्था का आकलन किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में 8वीं आर्थिक जनगणना करवाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत परिवार की आय क्या, कितने लोग नौकरी कर रहे, सरकारी या निजी, व्यवसाय क्या है, उससे आय कितनी आदि का विवरण दर्ज किया जाता है। इस गणना के आधार पर जिले और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकलन डाटा तैयार किया जाता है। प्रदेश में जनगणना के सुचारू संचालन के लिए यूटी स्तरीय, संभागीय स्तरीय और जिला स्तरीय समन्वय समितियों का गठन किया गया है।
आर्थिक जनगणना में देश की आर्थिक गतिविधियों का आकलन किया जाता है। यह सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के तहत करवाया जाता है। इसमें फसल उत्पादन, वृक्षारोपण, लोक प्रशासन, रक्षा व अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों को छोड़कर अन्य आर्थिक गतिविधियों को शामिल किया जाता है। भारत सरकार ने साल 1976 में आर्थिक जनगणना और सर्वेक्षण नामक योजना शुरू की थी। 7वीं आर्थिक जनगणना में हिस्सा लेने वालों राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू कश्मीर भी शामिल था। यूटी स्तरीय 11 सदस्यीय समन्वय समिति में मुख्य सचिव को चेयरमैन बनाया गया है। इसी तरह जम्मू और कश्मीर संभाग स्तरीय 9-9 सदस्यों की समिति में क्षेत्रीय निदेशक/डीजी मूल्यांकन और सांख्यिकी जम्मू व कश्मीर को चेयरमैन और जिला स्तरीय 10 सदस्यीय समिति में संबंधित जिला उपायुक्त को चेयरपर्सन बनाया गया है। इन समितियों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव एम राजू की ओर से आदेश जारी किया गया है।
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आर्थिक गणना के आधार पर अर्थव्यवस्था का आकलन किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में 8वीं आर्थिक जनगणना करवाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत परिवार की आय क्या, कितने लोग नौकरी कर रहे, सरकारी या निजी, व्यवसाय क्या है, उससे आय कितनी आदि का विवरण दर्ज किया जाता है। इस गणना के आधार पर जिले और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकलन डाटा तैयार किया जाता है। प्रदेश में जनगणना के सुचारू संचालन के लिए यूटी स्तरीय, संभागीय स्तरीय और जिला स्तरीय समन्वय समितियों का गठन किया गया है।
आर्थिक जनगणना में देश की आर्थिक गतिविधियों का आकलन किया जाता है। यह सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के तहत करवाया जाता है। इसमें फसल उत्पादन, वृक्षारोपण, लोक प्रशासन, रक्षा व अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों को छोड़कर अन्य आर्थिक गतिविधियों को शामिल किया जाता है। भारत सरकार ने साल 1976 में आर्थिक जनगणना और सर्वेक्षण नामक योजना शुरू की थी। 7वीं आर्थिक जनगणना में हिस्सा लेने वालों राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जम्मू कश्मीर भी शामिल था। यूटी स्तरीय 11 सदस्यीय समन्वय समिति में मुख्य सचिव को चेयरमैन बनाया गया है। इसी तरह जम्मू और कश्मीर संभाग स्तरीय 9-9 सदस्यों की समिति में क्षेत्रीय निदेशक/डीजी मूल्यांकन और सांख्यिकी जम्मू व कश्मीर को चेयरमैन और जिला स्तरीय 10 सदस्यीय समिति में संबंधित जिला उपायुक्त को चेयरपर्सन बनाया गया है। इन समितियों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव एम राजू की ओर से आदेश जारी किया गया है।
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