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नवकार महामंत्र की आभा और दिव्यता अद्वितीय : उपराज्यपाल
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राजभवन में मनाया गया दिवस, कहा- महसंत्र से बढ़ती है जागृति
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हजारों वर्षों से कई मंत्र साधकों और श्रद्धालुओं भक्तों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। इनमें नवकार महामंत्र की आभा और दिव्यता सार अद्वितीय है। जहां प्रेम और सद्भाव है। यहां पर ही ईश्वर है। जब हृदय सद्भावना से भरा होता है तो व्यक्ति ईश्वर के सबसे निकट होता है। यह बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को राजभवन में नवकार महामंत्र दिवस पर हुए समारोह में कहीं।
उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र सबसे पूजनीय हैं। साथ ही सार्वभौमिक मंत्र आंतरिक परिवर्तन को प्रेरित करता है। इससे आध्यात्मिक जागृति बढ़ती है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि समाज की सबसे अनमोल संपत्ति प्रेम, सद्भाव, शांति और करुणा हैं। इन गुणों से परिपूर्ण व्यक्ति मानवता का उत्थान कर सकता है।
जीवन का सही अर्थ आत्म-खोज में निहित है। जब हम खुद को जान लेते हैं तो एक बात स्पष्ट हो जाती है कि ईश्वर ने यह जीवन छोटी-छोटी चीजों के लिए नहीं दिया है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा उद्देश्य है। वह है समाज की निस्वार्थ सेवा और सभी जीवों का कल्याण करे।
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इस अवसर पर एसएस जैन सभा के महासचिव और जेआईटीओ जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधि संदीप जैन, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कई देशों के लोगों ने समारोह में लिया हिस्सा
इस पहल में 108 से अधिक देशों के लोगों ने शांति और सार्वभौमिक सद्भाव को बढ़ावा देने वाले नवकार महामंत्र दिवस समारोह में भाग लिया। यह अवसर सभी व्यक्तियों को आत्म-शुद्धि, सहिष्णुता और सामूहिक कल्याण के मूल्यों को प्रतिबिंबित करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हजारों वर्षों से कई मंत्र साधकों और श्रद्धालुओं भक्तों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। इनमें नवकार महामंत्र की आभा और दिव्यता सार अद्वितीय है। जहां प्रेम और सद्भाव है। यहां पर ही ईश्वर है। जब हृदय सद्भावना से भरा होता है तो व्यक्ति ईश्वर के सबसे निकट होता है। यह बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को राजभवन में नवकार महामंत्र दिवस पर हुए समारोह में कहीं।
उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र सबसे पूजनीय हैं। साथ ही सार्वभौमिक मंत्र आंतरिक परिवर्तन को प्रेरित करता है। इससे आध्यात्मिक जागृति बढ़ती है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि समाज की सबसे अनमोल संपत्ति प्रेम, सद्भाव, शांति और करुणा हैं। इन गुणों से परिपूर्ण व्यक्ति मानवता का उत्थान कर सकता है।
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जीवन का सही अर्थ आत्म-खोज में निहित है। जब हम खुद को जान लेते हैं तो एक बात स्पष्ट हो जाती है कि ईश्वर ने यह जीवन छोटी-छोटी चीजों के लिए नहीं दिया है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा उद्देश्य है। वह है समाज की निस्वार्थ सेवा और सभी जीवों का कल्याण करे।
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इस अवसर पर एसएस जैन सभा के महासचिव और जेआईटीओ जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधि संदीप जैन, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कई देशों के लोगों ने समारोह में लिया हिस्सा
इस पहल में 108 से अधिक देशों के लोगों ने शांति और सार्वभौमिक सद्भाव को बढ़ावा देने वाले नवकार महामंत्र दिवस समारोह में भाग लिया। यह अवसर सभी व्यक्तियों को आत्म-शुद्धि, सहिष्णुता और सामूहिक कल्याण के मूल्यों को प्रतिबिंबित करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है।