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Jammu News: कृषि योजनाओं के लिए 300 करोड़ से अधिक मंजूर
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एसएलएससी की बैठक के दौरान मुख्य सचिव व अन्य फोटो
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कृषि विभाग की योजनाओं के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना की स्वीकृत दी हैं।
इसमें विभिन्न उप-घाटक शामिल हैं, जिसका उद्देश्य बीज, पोषण, डिजिटल कृषि, बागवानी विकास, किसानों को समय पर और किफायती गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना, चावल, गेहूं, दालों और मोटे अनाजों का उत्पादन और तिलहनों की उत्पादकता में वृद्धि करना शामिल है।
वीरवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में कृषि विभाग की राज्य स्तरीय संचलन समिति (एसएलएससी) की बैठक हुई। इसमें प्रदेश में कृषि उत्पादन विभाग द्वारा कार्यान्वित प्रमुख केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए वार्षिक कार्य योजनाओं (एएपी) को मंजूरी दी। इसमें बीज, पोषण, डिजिटल कृषि और बागवानी विकास पर विशेष ध्यान दिया है। बीज के उप-घटक (एसएमएसपी) के लिए 750 लाख रुपये की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए प्रस्तुत की गई। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर और किफायती तरीके से गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (एनएफएसएम) में चावल, गेहूं, दालों और मोटे अनाजों का उत्पादन बढ़ाने के लिए 875.00 लाख रुपये की योजना है। इसी तरह, 312 लाख रुपये के साथ राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन (एनएमईओ-ओएस) शामिल है। इसका उद्देश्य तिलहन की उत्पादकता में वृद्धि, उच्च उपज वाले तिलहन किस्मों और संकरों को बढ़ावा देकर खाद्य तेलों का घरेलू उत्पादन बढ़ाना है।
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एकीकृत विकास मिशन (एमआईडीएच) के लिए 11,850.50 लाख रुपये है। इसका उद्देश्य बागवानी उत्पादन को बढ़ाना और टिकाऊ प्रथाओं के माध्यम से किसानों की आजीविका में सुधार करना है।
डिजिटल कृषि मिशन (डीएएम) में 4,604.62 लाख रुपये की योजना है। इसमें डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके राजस्व रिकॉर्ड और कृषि को आधुनिक बनाना है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) की कुल प्रस्तावित वार्षिक कार्य योजना 9900 लाख रुपये है। बैठक कृषि विभाग प्रमुख सचिव, शैलेन्द्र कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कृषि विभाग की योजनाओं के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना की स्वीकृत दी हैं।
इसमें विभिन्न उप-घाटक शामिल हैं, जिसका उद्देश्य बीज, पोषण, डिजिटल कृषि, बागवानी विकास, किसानों को समय पर और किफायती गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना, चावल, गेहूं, दालों और मोटे अनाजों का उत्पादन और तिलहनों की उत्पादकता में वृद्धि करना शामिल है।
वीरवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में कृषि विभाग की राज्य स्तरीय संचलन समिति (एसएलएससी) की बैठक हुई। इसमें प्रदेश में कृषि उत्पादन विभाग द्वारा कार्यान्वित प्रमुख केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए वार्षिक कार्य योजनाओं (एएपी) को मंजूरी दी। इसमें बीज, पोषण, डिजिटल कृषि और बागवानी विकास पर विशेष ध्यान दिया है। बीज के उप-घटक (एसएमएसपी) के लिए 750 लाख रुपये की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए प्रस्तुत की गई। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर और किफायती तरीके से गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना है।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (एनएफएसएम) में चावल, गेहूं, दालों और मोटे अनाजों का उत्पादन बढ़ाने के लिए 875.00 लाख रुपये की योजना है। इसी तरह, 312 लाख रुपये के साथ राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन (एनएमईओ-ओएस) शामिल है। इसका उद्देश्य तिलहन की उत्पादकता में वृद्धि, उच्च उपज वाले तिलहन किस्मों और संकरों को बढ़ावा देकर खाद्य तेलों का घरेलू उत्पादन बढ़ाना है।
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एकीकृत विकास मिशन (एमआईडीएच) के लिए 11,850.50 लाख रुपये है। इसका उद्देश्य बागवानी उत्पादन को बढ़ाना और टिकाऊ प्रथाओं के माध्यम से किसानों की आजीविका में सुधार करना है।
डिजिटल कृषि मिशन (डीएएम) में 4,604.62 लाख रुपये की योजना है। इसमें डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके राजस्व रिकॉर्ड और कृषि को आधुनिक बनाना है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) की कुल प्रस्तावित वार्षिक कार्य योजना 9900 लाख रुपये है। बैठक कृषि विभाग प्रमुख सचिव, शैलेन्द्र कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।