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Jammu News: प्रदेश में नई स्टार्टअप नीति लांच, 2027 तक 2000 उद्यम शुरू करने का लक्ष्य
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-उप राज्यपाल बोले- नई नीति से नए रोजगार स्थापित करने वालों को मिलेगी सहायता
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को जम्मू-कश्मीर में नई स्टार्टअप नीति लांच कर दी। उन्होंने बताया कि 2027 तक दो हजार स्टार्टअप (उद्यम) शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नई नीति नए रोजगार स्थापित करने वालों की मदद करेगी। साथ ही स्टार्टअप शुरू करने वालों को सलाह, वित्तीय सहायता और व्यापार बढ़ाने के लिए पंजीकरण जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार गतिशील उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
उप राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में गतिशील आर्थिक वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। नई नीति स्टार्ट-अप और इनोवेर्ट्स के लिए एक बड़ी छलांग है। नीति का लक्ष्य 25 करोड़ के शुरुआती निवेश के साथ 250 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड स्थापित करना है। यह फंड विकास, प्रारंभिक चरण की वित्तीय सहायता के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा और यह व्यवहार्य व्यवसाय मॉडल के विकास को प्रोत्साहित करेगा।
उप राज्यपाल ने कहा कि नए केंद्रों की स्थापना, नवीन उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए जम्मू-कश्मीर इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (जेकेईडीआई) के माध्यम से सीड फंडिंग व नई स्टार्ट-अप नीति के माध्यम से महिला उद्यमियों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस मौके पर मुख्य सचिव अटल डुल्लू, आयुक्त सचिव विक्रम जीत सिंह, मंडलायुक्त जम्मू रमेश कुमार, बलदेव प्रकाश एमडी और सीईओ जेएंडके बैंक, प्रो. बीएस सहाय निदेशक आईआईएम जम्मू, अरुण मन्हास निदेशक उद्योग जम्मू, स्टार्टअप एसोसिएशन के अध्यक्ष ईशान वर्मा वाया ईएनएस, ब्रांडिंग एल्वेस, फास्ट बीटल, फिक्स एंड ईज, प्योर मार्ट, एमजीएम, ट्रैंबू स्पोर्ट्स आदि कंपनियों और स्टार्टअप उद्यमों के सीईओ व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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प्रदेश में 722 पंजीकृत स्टार्टअप
प्रदेश में 722 पंजीकृत स्टार्ट-अप हैं, जिनमें लैंगिक समावेशिता पर ध्यान दिया गया है। 254 महिलाओं के नेतृत्व वाले हैं। स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र एक विविध परिदृश्य प्रदर्शित करता है, जिसमें निर्माण और इंजीनियरिंग प्रमुख रूप में उभरती है, जो कुल स्टार्ट-अप का 49 फीसदी है। नई नीति सरकारी समर्थन, इनक्यूबेटर सहयोग और नीति आवश्यकताओं पर एक व्यापक सर्वेक्षण को दर्शाती है। विशेष रूप से 69 फीसदी स्टार्ट-अप मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए समर्थन चाहते हैं, जबकि इनक्यूबेटरों के साथ सहयोग 7.89 फीसदी है जो बढ़ी हुई व्यस्तता का अवसर प्रस्तुत करता है।
मदद के लिए 16 समझौतों पर हो चुके हैं हस्ताक्षर
उप राज्यपाल ने कहा कि अतिरिक्त सहायता और संसाधन प्रदान करने के लिए विभिन्न संस्थानों और संगठनों के साथ 16 समझौते हो चुके हैं, जिसका लाभ होगा। मैं देशभर के निवेशकों को प्रदेश में मौजूद असीमित संभावनाओं का पता लगाने और जम्मू-कश्मीर की विकास यात्रा में योगदान करने के लिए आमंत्रित करता हूं। वित्तीय और शैक्षणिक संस्थानों को नई स्टार्ट-अप नीति के प्रभावी जमीनी कार्यान्वयन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भी उप राज्यपाल ने प्रेरित किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को जम्मू-कश्मीर में नई स्टार्टअप नीति लांच कर दी। उन्होंने बताया कि 2027 तक दो हजार स्टार्टअप (उद्यम) शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नई नीति नए रोजगार स्थापित करने वालों की मदद करेगी। साथ ही स्टार्टअप शुरू करने वालों को सलाह, वित्तीय सहायता और व्यापार बढ़ाने के लिए पंजीकरण जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार गतिशील उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
उप राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में गतिशील आर्थिक वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। नई नीति स्टार्ट-अप और इनोवेर्ट्स के लिए एक बड़ी छलांग है। नीति का लक्ष्य 25 करोड़ के शुरुआती निवेश के साथ 250 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड स्थापित करना है। यह फंड विकास, प्रारंभिक चरण की वित्तीय सहायता के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा और यह व्यवहार्य व्यवसाय मॉडल के विकास को प्रोत्साहित करेगा।
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उप राज्यपाल ने कहा कि नए केंद्रों की स्थापना, नवीन उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए जम्मू-कश्मीर इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (जेकेईडीआई) के माध्यम से सीड फंडिंग व नई स्टार्ट-अप नीति के माध्यम से महिला उद्यमियों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस मौके पर मुख्य सचिव अटल डुल्लू, आयुक्त सचिव विक्रम जीत सिंह, मंडलायुक्त जम्मू रमेश कुमार, बलदेव प्रकाश एमडी और सीईओ जेएंडके बैंक, प्रो. बीएस सहाय निदेशक आईआईएम जम्मू, अरुण मन्हास निदेशक उद्योग जम्मू, स्टार्टअप एसोसिएशन के अध्यक्ष ईशान वर्मा वाया ईएनएस, ब्रांडिंग एल्वेस, फास्ट बीटल, फिक्स एंड ईज, प्योर मार्ट, एमजीएम, ट्रैंबू स्पोर्ट्स आदि कंपनियों और स्टार्टअप उद्यमों के सीईओ व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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प्रदेश में 722 पंजीकृत स्टार्टअप
प्रदेश में 722 पंजीकृत स्टार्ट-अप हैं, जिनमें लैंगिक समावेशिता पर ध्यान दिया गया है। 254 महिलाओं के नेतृत्व वाले हैं। स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र एक विविध परिदृश्य प्रदर्शित करता है, जिसमें निर्माण और इंजीनियरिंग प्रमुख रूप में उभरती है, जो कुल स्टार्ट-अप का 49 फीसदी है। नई नीति सरकारी समर्थन, इनक्यूबेटर सहयोग और नीति आवश्यकताओं पर एक व्यापक सर्वेक्षण को दर्शाती है। विशेष रूप से 69 फीसदी स्टार्ट-अप मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए समर्थन चाहते हैं, जबकि इनक्यूबेटरों के साथ सहयोग 7.89 फीसदी है जो बढ़ी हुई व्यस्तता का अवसर प्रस्तुत करता है।
मदद के लिए 16 समझौतों पर हो चुके हैं हस्ताक्षर
उप राज्यपाल ने कहा कि अतिरिक्त सहायता और संसाधन प्रदान करने के लिए विभिन्न संस्थानों और संगठनों के साथ 16 समझौते हो चुके हैं, जिसका लाभ होगा। मैं देशभर के निवेशकों को प्रदेश में मौजूद असीमित संभावनाओं का पता लगाने और जम्मू-कश्मीर की विकास यात्रा में योगदान करने के लिए आमंत्रित करता हूं। वित्तीय और शैक्षणिक संस्थानों को नई स्टार्ट-अप नीति के प्रभावी जमीनी कार्यान्वयन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भी उप राज्यपाल ने प्रेरित किया।