{"_id":"671ecbf71dcda9ffb90268f4","slug":"jammu-accident-three-death-jammu-news-c-10-jam1006-470941-2024-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: एक ही मोहल्ले में दो घरों के इकलौते समेत तीन चिराग बुझे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: एक ही मोहल्ले में दो घरों के इकलौते समेत तीन चिराग बुझे
विज्ञापन
हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे परिजन, मौत की जानकारी मिलते ही मची चीखोपुकार
गौरव रावत
जम्मू। जानीपुर के एक्सेलसियर मोहल्ले में रविवार शाम को सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों सहित तीन युवकों की मौत की सूचना मिलते ही चीखोपुकार मच गई। हादसे की जानकारी मिलते ही तीनों युवकों के परिजन रोते बिलखते जीएमसी पहुंचे। परिजनों को रोते देखकर अस्पताल में मौजूद हर शख्स की आंख नम हो गईं।
मौके पर पहुंचे रिश्तेदार और मोहल्लेवासी पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते नजर आए। शवों को शवगृह में शिफ्ट करवाया गया, जिसके बाद किसी तरह परिजनों को घर पहुंचाया गया। सुमित, गौरव और राम एक ही मोहल्ले में रहते थे। सुमित और गौरव का राम गहरा दोस्त था।
परिजनों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि दोपहर तक उनके साथ रहने वाले घर के लाडले अब इस दुनिया में नहीं हैं।
पांच बहनों का अकेला भाई था सुमित
स्कूटर मैकेनिक राज कुमार के घर में विलाप के अलावा कुछ भी नहीं सुनाई दे रहा था। पांच बहनें एक-दूसरे के साथ लिपटकर रो रही हैं। बीच-बीच में वह मां से लिपट कर रोती रहीं। किसी को यकीन ही नहीं कि घर का इकलौता चिराग सुमित इस दुनिया में नहीं रहा। बार-बार बहनें और मां सिर्फ एक ही बात कह रही थीं कि काके कित्थे चला गया तू।सुमित को घर में प्यार से काका बुलाया जाता था। सुमित की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। दो बहनों की शादी करनी है। इसलिए वह पिता का हाथ बंटाने के लिए पिज्जा डिलीवरी का काम करता था। पड़ोसियों ने बताया कि सुमित को कभी भी किसी काम के लिए कहते थे तो वह मना नहीं करता था।
विज्ञापन
अकेला कमाने वाला था गौरव
गौरव का घर सुमित के घर के सामने ही है। गौरव की तीन बहनें है और एक भाई है। दो बहनों की शादी हो चुकी है। पड़ोसियों ने बताया कि गौरव का भाई भी काफी समय से बीमार रहता है। पिता कुर्सियां बनाने का काम करते हैं। इस कारण गौरव घर में कमाने वाला अकेला ही था। माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां और बहनों को आस-पड़ोस की महिलाएं सांत्वना देती रहीं।
राम भी था इकलौता चिराग
राम का घर गौरव और सुमित के घर से कुछ ही दूर है। राम के पिता शिव मेहरा ऑटो चलाकर परिवार का गुजर-बसर करते हैं। मां भी लोगों के घरों में काम करती हैं। राम अपने मां-बाप का अकेला सहारा था। उसके अलावा उसकी एक बहन भी है, जिसकी शादी हो चुकी है। राम की मां और बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल है। राम का करीब एक साल पहले भी बाइक से गंभीर एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उसकी जान जाते-जाते बची थी। तब भी गौरव और सुमित उसके साथ थे, लेकिन वे दोनों तब दूसरी बाइक पर थे।
डेढ़ वर्ष पहले भी हुआ था राम का एकसीडेंट
जानकारी के अनुसार मृतक राम मेहरा का डेढ़ वर्ष पहले भी नगरोटा के पास ही एक्सीडेंट हुआ था। तब भी राम, सुमित और गौरव साथ ही थे। लेकिन अलग अलग मोटरसाइकिल पर थे। तब राम के पैर में गहरी चोट आई थी और सर्जरी भी हुई। राम को सुमित और गौरव ने अस्पताल पहुंचाया था। अब भी राम के पैर में लोहे की राॅड पड़ी हुई थी।
दो महीने पहले अनबन, फिर से हुई थी दोस्ती
रिश्तेदारों, दोस्तों और मोहल्ले के लोगों का कहना है कि ये तीनों गहरे दोस्त थे। दो महीने पहले किसी बात को लेकर इनकी आपस में कुछ कहासुनी भी हो गई। एक दूसरे से नाराज भी थे। अब पिछले कुछ दिनों से फिर से दोस्ती थी। अकसर तीनों साथ ही घूमने के लिए जाते थे। लंबे समय से एकसाथ रहते आए हैं। किसी को यकीन ही नहीं आ रहा कि तीनों की एकसाथ मौत हो गई है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
निर्माण के चलते डायवर्जन बना कारण
पांच दिन में पांच युवाओं की गई जान, सिद्धड़ा में नीट की तैयार कर रहे दो विद्यार्थियों की हुई थी मौत
जम्मू। कुंजवानी-नगरोटा-उधमपुर रोड पर पांच दिन में ये दूसरा बड़ा सड़क हादसा है। इसके पहले सिद्धड़ा क्षेत्र में नीट की तैयारी कर रही छात्रा और एक अन्य छात्र की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। ये दोनों 20 से 21 वर्ष के थे। वहीं, अब ताजा मामला तीन युवकों का है।
बताया जा रहा है कि कटड़ा-दिल्ली एक्सप्रेसवे के कार्य के चलते हाइवे पर जगह-जगह डायर्वजन हैं। इसकी वजह से सड़क हादसे हो रहे हैं। नगरोटा थाना प्रभारी परवेज अहमद का कहना है कि जम्मू श्रीनगर हाईवे के विस्तार का कार्य चल रहा है। इसकी वजह से जगह-जगह डायर्वजन बनाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि तीनों युवक बाइक पर जम्मू की तरफ आ रहे थे। क्योंकि डायवर्जन था तो कटड़ा की तरफ जाने वाला ट्रक भी उसी लेन में था जिसमें युवक थे। इस वजह से आमने सामने टक्कर हो गई। यहीं कारण बना कि तीनों की मौके पर मौत हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह से उड़ गया था।
इस मामले में एक जानकारी ये भी सामने आ रही है कि तीनों युवक मृतक सुमित की बहन के घर गए हुए थे। सुमित की एक बहन नगरोटा के कट्टल बटाल क्षेत्र में रहती है। ये तीनों वहीं से वापस लौट रहे थे। लौटते वक्त ये लोग हादसे के शिकार हुए हैं। हालांकि सुमित का परिवार इस हालत में नहीं कि कुछ बता सके।
विज्ञापन
गौरव रावत
जम्मू। जानीपुर के एक्सेलसियर मोहल्ले में रविवार शाम को सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों सहित तीन युवकों की मौत की सूचना मिलते ही चीखोपुकार मच गई। हादसे की जानकारी मिलते ही तीनों युवकों के परिजन रोते बिलखते जीएमसी पहुंचे। परिजनों को रोते देखकर अस्पताल में मौजूद हर शख्स की आंख नम हो गईं।
मौके पर पहुंचे रिश्तेदार और मोहल्लेवासी पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते नजर आए। शवों को शवगृह में शिफ्ट करवाया गया, जिसके बाद किसी तरह परिजनों को घर पहुंचाया गया। सुमित, गौरव और राम एक ही मोहल्ले में रहते थे। सुमित और गौरव का राम गहरा दोस्त था।
विज्ञापन
परिजनों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि दोपहर तक उनके साथ रहने वाले घर के लाडले अब इस दुनिया में नहीं हैं।
पांच बहनों का अकेला भाई था सुमित
स्कूटर मैकेनिक राज कुमार के घर में विलाप के अलावा कुछ भी नहीं सुनाई दे रहा था। पांच बहनें एक-दूसरे के साथ लिपटकर रो रही हैं। बीच-बीच में वह मां से लिपट कर रोती रहीं। किसी को यकीन ही नहीं कि घर का इकलौता चिराग सुमित इस दुनिया में नहीं रहा। बार-बार बहनें और मां सिर्फ एक ही बात कह रही थीं कि काके कित्थे चला गया तू।सुमित को घर में प्यार से काका बुलाया जाता था। सुमित की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। दो बहनों की शादी करनी है। इसलिए वह पिता का हाथ बंटाने के लिए पिज्जा डिलीवरी का काम करता था। पड़ोसियों ने बताया कि सुमित को कभी भी किसी काम के लिए कहते थे तो वह मना नहीं करता था।
विज्ञापन
अकेला कमाने वाला था गौरव
गौरव का घर सुमित के घर के सामने ही है। गौरव की तीन बहनें है और एक भाई है। दो बहनों की शादी हो चुकी है। पड़ोसियों ने बताया कि गौरव का भाई भी काफी समय से बीमार रहता है। पिता कुर्सियां बनाने का काम करते हैं। इस कारण गौरव घर में कमाने वाला अकेला ही था। माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां और बहनों को आस-पड़ोस की महिलाएं सांत्वना देती रहीं।
राम भी था इकलौता चिराग
राम का घर गौरव और सुमित के घर से कुछ ही दूर है। राम के पिता शिव मेहरा ऑटो चलाकर परिवार का गुजर-बसर करते हैं। मां भी लोगों के घरों में काम करती हैं। राम अपने मां-बाप का अकेला सहारा था। उसके अलावा उसकी एक बहन भी है, जिसकी शादी हो चुकी है। राम की मां और बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल है। राम का करीब एक साल पहले भी बाइक से गंभीर एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उसकी जान जाते-जाते बची थी। तब भी गौरव और सुमित उसके साथ थे, लेकिन वे दोनों तब दूसरी बाइक पर थे।
डेढ़ वर्ष पहले भी हुआ था राम का एकसीडेंट
जानकारी के अनुसार मृतक राम मेहरा का डेढ़ वर्ष पहले भी नगरोटा के पास ही एक्सीडेंट हुआ था। तब भी राम, सुमित और गौरव साथ ही थे। लेकिन अलग अलग मोटरसाइकिल पर थे। तब राम के पैर में गहरी चोट आई थी और सर्जरी भी हुई। राम को सुमित और गौरव ने अस्पताल पहुंचाया था। अब भी राम के पैर में लोहे की राॅड पड़ी हुई थी।
दो महीने पहले अनबन, फिर से हुई थी दोस्ती
रिश्तेदारों, दोस्तों और मोहल्ले के लोगों का कहना है कि ये तीनों गहरे दोस्त थे। दो महीने पहले किसी बात को लेकर इनकी आपस में कुछ कहासुनी भी हो गई। एक दूसरे से नाराज भी थे। अब पिछले कुछ दिनों से फिर से दोस्ती थी। अकसर तीनों साथ ही घूमने के लिए जाते थे। लंबे समय से एकसाथ रहते आए हैं। किसी को यकीन ही नहीं आ रहा कि तीनों की एकसाथ मौत हो गई है।
निर्माण के चलते डायवर्जन बना कारण
पांच दिन में पांच युवाओं की गई जान, सिद्धड़ा में नीट की तैयार कर रहे दो विद्यार्थियों की हुई थी मौत
जम्मू। कुंजवानी-नगरोटा-उधमपुर रोड पर पांच दिन में ये दूसरा बड़ा सड़क हादसा है। इसके पहले सिद्धड़ा क्षेत्र में नीट की तैयारी कर रही छात्रा और एक अन्य छात्र की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। ये दोनों 20 से 21 वर्ष के थे। वहीं, अब ताजा मामला तीन युवकों का है।
बताया जा रहा है कि कटड़ा-दिल्ली एक्सप्रेसवे के कार्य के चलते हाइवे पर जगह-जगह डायर्वजन हैं। इसकी वजह से सड़क हादसे हो रहे हैं। नगरोटा थाना प्रभारी परवेज अहमद का कहना है कि जम्मू श्रीनगर हाईवे के विस्तार का कार्य चल रहा है। इसकी वजह से जगह-जगह डायर्वजन बनाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि तीनों युवक बाइक पर जम्मू की तरफ आ रहे थे। क्योंकि डायवर्जन था तो कटड़ा की तरफ जाने वाला ट्रक भी उसी लेन में था जिसमें युवक थे। इस वजह से आमने सामने टक्कर हो गई। यहीं कारण बना कि तीनों की मौके पर मौत हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह से उड़ गया था।
इस मामले में एक जानकारी ये भी सामने आ रही है कि तीनों युवक मृतक सुमित की बहन के घर गए हुए थे। सुमित की एक बहन नगरोटा के कट्टल बटाल क्षेत्र में रहती है। ये तीनों वहीं से वापस लौट रहे थे। लौटते वक्त ये लोग हादसे के शिकार हुए हैं। हालांकि सुमित का परिवार इस हालत में नहीं कि कुछ बता सके।