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जम्मू-कश्मीरः शुजात बुखारी हत्याकांड में शामिल एक आतंकी गिरफ्तार, जांच जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 15 Jun 2018 07:38 PM IST
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चौथा संदिग्ध
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वरिष्ठ पत्रकार तथा अंग्रेजी अखबार राइजिंग कश्मीर के एडिटर इन चीफ शुजात बुखारी तथा उनके दो पीएसओ की हत्या करने वाले आतंकियों की तलाश में जुटी पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस ने कल घटना के बाद ही तीन आतंकियों की फोटो शेयर कर उसकी पहचान के लिए स्थानीय लोगों से मदद मांगी थी। पुलिस ने आज भी एक संदिग्ध की तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी की थी। जिसमें युवक बंदूक निकालता दिखाई दे रहा था।
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पुलिस को मिली खुफिया इनपुट के आधार पर संदिग्ध युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आतंकी की पहचान श्रीनगर के रहने वाले जुबैर के तौर पर हुई है। पुलिस ने उसे पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है।
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जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी एसपी पानी ने प्रेस कांफ्रेंस में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या में शामिल चौथे आतंकी की पहचान हो गई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
वायरल तस्वीरों में आतंकी उनकी पिस्टल निकालते देखा गया था। उन्होंने बताया कि जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन कर दिया गया है। जिसका नेतृत्व डीआईजी श्रीनगर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में इसके पीछे आतंकी वारदात होने की बात निकल कर सामने आ रही है। हम इस मामले में जांच कर रहे हैं।
पुलिस ने वीरवार को घटना के बाद तीन आतंकियों की फोटो जारी की थी। जिसमें गाड़ी चला रहा युवक हेलमेट पहने है जबकि पीछे बैठने वाले युवक ने मास्क लगा रखा है। बीच में बैठे युवक का चेहरा नहीं दिख रहा है। पुलिस ने कोठीबाग पुलिस स्टेशन, पीसीआर श्रीनगर या फिर पुलिस कंट्रोल रूम में इन संदिग्धों के बारे में सूचना देने को कहा है। साथ ही कहा है कि सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
गौरतलब है कि वीरवार शाम करीब सात बजे शुजात जैसे ही प्रेस एन्क्लेव से जैसे ही वह अपनी गाड़ी से जाने लगे तो आतंकियों ने गाड़ी को घेरकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसके बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। बताते हैं कि चार आतंकियों ने बिल्कुल करीब से गोलियां बरसाईं।
Srinagar Police seeks help of the general public to identify fourth suspect involved in yesterday's terror attack in Press Colony that killed editor of Rising Kashmir newspaper #ShujaatBukhari. Police releases photograph of the suspect. #JammuAndKashmir pic.twitter.com/n5y6YpWthK
— ANI (@ANI) June 15, 2018
तीन आतंकियों की हुई पहचान
सूत्रों की मानें पत्रकार की हत्या में शामिल तीनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के थे। जिनकी पहचान अबू उसामा, नवीद जट हंजूला और मेहराजुद्दीन बंगारू के रूप में हुई है। हालांकि पुलिस की ओर से इस बात की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बता दें कि नवीद वही आतंकी है जो कुछ दिनों पहले ही श्रीनगर के महराजा हरि सिंह अस्पताल से सुरक्षाबलों को चकमा देकर भाग निकला था।
गौरतलब है शुजात बुखारी की हत्या की खबर पर लश्कर के प्रवक्ता डा. अब्दुल्ला गजनवी ने इसे अफसोसजनक खबर बताते हुए कहा है कि शुजात की हत्या आजादी की आवाज को दबाने की साजिश है। अब उसी के आतंकी संगठन द्वारा इस घटना को अंजाम दिए जाने की बात सामने आ रही है।
शुजात बुखारी
- फोटो : File Photo
सूत्रों ने यह भी बताया कि आतंकी अपने साथ पीएसओ की हथियार भी ले गए हैं। घटना के बाद घायल शुजात तथा उनके दो पीएसओ को एसएमएचएस अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत लाया घोषित कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया कि यह कायराना हरकत है।
यह कश्मीर की स्वस्थ आवाज को दबाने का भी प्रयास है। वह निर्भीक पत्रकार थे। उनकी हत्या से गहरा दुख है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घटना पर शोक जताते हुए ट्वीट किया कि वह इस प्रकार की हिंसा की निंदा करती हैं और परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताती हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट कर कहा कि वह इस घटना से हतप्रभ हैं। दुख की इस घड़ी में परिवार वालों को शक्ति प्रदान करें। लश्कर के प्रवक्ता डॉ. अब्दुल्ला गजनवी ने इस घटना को अफसोसजनक खबर बताते हुए कहा है कि शुजात की हत्या आजादी की आवाज को दबाने की साजिश है।
यह कश्मीर की स्वस्थ आवाज को दबाने का भी प्रयास है। वह निर्भीक पत्रकार थे। उनकी हत्या से गहरा दुख है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घटना पर शोक जताते हुए ट्वीट किया कि वह इस प्रकार की हिंसा की निंदा करती हैं और परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताती हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट कर कहा कि वह इस घटना से हतप्रभ हैं। दुख की इस घड़ी में परिवार वालों को शक्ति प्रदान करें। लश्कर के प्रवक्ता डॉ. अब्दुल्ला गजनवी ने इस घटना को अफसोसजनक खबर बताते हुए कहा है कि शुजात की हत्या आजादी की आवाज को दबाने की साजिश है।