J&K: पैलिएटिव केयर सम्मेलन में 800 से अधिक प्रतिनिधि; 'चिकित्सा में निजी क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ाएं', एलजी
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में पैलिएटिव चिकित्सा के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने, और चिकित्सा नवाचारों पर जोर देने के लिए एम्स विजयपुर में 32वें अंतरराष्ट्रीय पैलिएटिव केयर सम्मेलन में बात की।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पिछड़े व दूरदराज के क्षेत्रों में पैलिएटिव (प्रशामक) चिकित्सा केंद्र स्थापित करने के लिए प्रशासन के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जाए। विशेषज्ञ एसओपी को लेकर अपडेट रहें। जीवन के लिए खतरनाक बीमारी से पीड़ितों की जरूरतों, परिवारों की भलाई, दर्द और पीड़ा को कम करने तथा आध्यात्मिक सहायता प्रदान करने में संवेदनशीलता बढ़ाई जाए।एलजी शुक्रवार को एम्स विजयपुर में इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैलिएटिव केयर (आईएपीसी) के 32वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, पैलिएटिव चिकित्सा देखभाल में स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे रोगियों के दर्द और पीड़ा को कम करें। स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों को निरंतर उचित प्रशिक्षण दिया जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर सामुदायिक जागरूकता, पैलिएटिव सहायता और दर्द प्रबंधन के लिए एक समान एसओपी तैयार की जाए। 2050 तक भारत की कुल आबादी का 20.8 प्रतिशत 60 वर्ष से अधिक आयु का होगा। बुजुर्गों की आबादी में इस वृद्धि के लिए हमें एक मजबूत देखभाल अर्थव्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कि वे स्वस्थ, सम्मानजनक और पूर्ण जीवन जी सकें।
प्रदेश प्रशासन ने 2022 में सभी जिलों में 10-बिस्तर वाले अत्याधुनिक पैलिएटिव और जेरिएट्रिक केयर वार्ड स्थापित किए थे। लोगों के दरवाजे पर चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता देने के प्रयास किए गए हैं। जोर दिया कि सभी विशेषज्ञों और भारतीय प्रशामक देखभाल संघ को बहु-क्षेत्रीय साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी आन्कोलाॅजी सुविधा से कैंसर मरीजों को राहत
उपराज्यपाल ने एम्स के विभिन्न ब्लॉकों का निरीक्षण किया और चिकित्सा कर्मचारियों से बातचीत की। एनेस्थिसियोलॉजी विभाग की मानक संचालन प्रक्रियाएं और कीमोथेरेपी की रोगी सूचना पुस्तिका जारी की गई। रेडियोथेरेपी ऑन्कोलॉजी सुविधा की स्थापना से रोगियों को उचित चिकित्सा के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने की आवश्यकता कम हो जाएगी।
यह सेवा बढ़े कैंसर रोगियों को राहत देगी, जिसमें उन्नत रेडियोथेरेपी तकनीक, व्यक्तिगत उपचार योजनाएं और बहु-विषयक देखभाल की पेशकश की जाएगी। आईसीएमआर की राष्ट्रीय कैंसर डेटा परियोजना के तहत अस्पताल-आधारित कैंसर रजिस्ट्री भी शुरू की गई है, जो प्रभावी कैंसर देखभाल संचालन और रणनीतियों को आकार देने में और सहायता करेगी।
एम्स जम्मू में 8 उन्नत ऑपरेशन थिएटर स्थापित हैं। चिकित्सा प्रशिक्षण के लिए लाइव सर्जिकल प्रसारण के साथ चार एकीकृत ओटी, प्रत्यारोपण और कोक्लियर प्रत्यारोपण जैसी जटिल प्रक्रियाओं के लिए रोटेटरी एमआरआई और सीटी स्कैन तकनीक के साथ एक हाइब्रिड ओटी शामिल है।
ओटी सुविधा में सटीकता और उन्नत शिक्षण के लिए हाई-डेफिनिशन ऑडियो-विजुअल सिस्टम, सर्जिकल प्रक्रियाओं में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए मॉड्यूलर डिजाइन उपलब्ध है। इस दौरान डॉ. शक्ति कुमार गुप्ता कार्यकारी निदेशक और सीईओ एम्स, विजयपु, प्रो. सुषमा भटनागर अध्यक्ष इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैलिएटिव केयर, डॉ. रोहित लाहौरी अध्यक्ष, आईएपीसी, जम्मू-कश्मीर चैप्टर, डॉ. सुनाना गुप्ता आयोजन सचिव आदि मौजूद रहे। इस बीच उपराज्यपाल ने एम्स में रेडियोथेरेपी ऑन्कोलॉजी और ऑपरेशन थिएटर परिसर का उद्घाटन किया। इसके साथ एम्स पेन पॉलिसी को जारी किया गया।
चिकित्सा में नवाचारों को बढ़ावा देने पर जोरसम्मेलन में 800 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होकर लाइलाज बीमारी से पीड़ित रोगियों के जीवन की गुणवत्ता के लिए पैलिएटिव चिकित्सा में प्रगति और नवाचारों को बढ़ावा देने पर चर्चा कर रहे हैं। तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन आईएपीसी जम्मू-कश्मीर चैप्टर और एम्स, जम्मू द्वारा किया जा गया है। इस बीच दिन में कई सत्रों में विशेषज्ञों ने पैलिएटिव चिकित्सा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।