'एलजी मुलाकात': महीने में एक बार डीडीसी-बीडीसी और पंचायत प्रतिनिधियों से बात करेंगे मनोज सिन्हा
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा 'एलजी मुलाकात' कार्यक्रम के तहत हर महीने डीडीसी-बीडीसी और पंचायत प्रतिनिधियों से बात करेंगे।
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सुशासन को जमीनी स्तर पर ले जाने और प्रदेश में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में वह महीने में एक बार डीडीसी, बीडीसी और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। जिससे निर्वाचित प्रतिनिधियों को लोगों की आकांक्षाओं को आवाज देने के लिए एक मंच तैयार होगा।
जम्मू-कश्मीर सरकार केंद्र शासित प्रदेश में पंचायती राज को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर पंचायती राज संस्थाओं से फीडबैक लेना, जमीनी स्तर पर कार्यों का निष्पादन, उनके संबंधित मुद्दों के बारे में जानकारी प्राप्त करना इस मासिक संवाद के कुछ प्रमुख पहलू हैं।
ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग हर महीने एक बार डीडीसी सहित पंचायती राज संस्थानों के सभी तीन स्तरों के साथ उप-राज्यपाल की बातचीत के लिए एक तंत्र तैयार करेगा। उप-राज्यपाल ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि हर सरकारी समारोह का अभिन्न हिस्सा हों। प्रोटोकॉल के अनुसार, विकास परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन के हर चरण में शामिल हों।
उप-राज्यपाल ने कहा, 'एलजी मुलाकात' लोगों की विकासात्मक आकांक्षाओं और क्षेत्र-विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए एक मजबूत तंत्र के लिए एक मंच बन जाएगा। जम्मू-कश्मीर सरकार सहभागी लोकतंत्र को मजबूत कर रही है। पंचायती राज संस्थानों को अधिक सशक्त बना रही है।
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