रियासत के शिक्षा मंत्री ने कहा, सेना प्रमुख को हमारे मामलों में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं
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रियासत के शिक्षा मंत्री अल्ताफ बुखारी ने सेना प्रमुख के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि सेना को राज्य के मामलों में हस्तक्षेप करने की कोई जरूरत नहीं है। सेना अपना काम करे। हम अपना काम कर रहे हैं। भारत में सेना का नियंत्रण किसी भी चीज पर नहीं हो सकता है।
शिक्षा मंत्री की यह प्रतिक्रिया सेना प्रमुख द्वारा राज्य की शिक्षा प्रणाली को लेकर दिए गए बयान के बाद सामने आई है जिसमें उन्होंने कहा है कि राज्य में टीचरों द्वारा बच्चों को भारत और जम्मू कश्मीर का नक्शा अलग-अलग पढ़ाया जाता है।
जम्मू कश्मीर के नक्शे को भारत से अलग कर पढ़ाने की क्या जरूरत है। यह बच्चों को क्या सिखाता है।एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्हें मालूम है कि स्कूली बच्चे कट्टरवाद की ओर नहीं जा रहे हैं। हम अपना काम कर रहे हैं।
सेना को चाहिए वह अपना काम करे। उनका काम है बॉर्डरों की रक्षा करना। अगर बॉर्डरों की सुरक्षा होगी तो हिंसा की घटनाओं में कमी दर्ज की जाएगी। ऐसा कोई सवाल खड़ा करना उचित नहीं है कि हमारे राज्य के एजुकेशन सिस्टम में खामी है, जिससे कट्टरवाद को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और फौज का नियंत्रण यहां किसी भी चीज पर नहीं हो सकता। शायद उन्हें भी यह बात मालूम है और मुझे तो बहुत अच्छे से मालूम है।
जो मुल्क का दुश्मन वह हमारा भी दुश्मन
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगर हमारा कोई भी बच्चा मरता है चाहे इस गोली से मरे या उस गोली से हम आज भी उनके घर जाते हैं, यह हमारी तहजीब में है। फौज के जवान मरे या पुलिस का हम जाते हैं।
इसे गलत नहीं समझना चाहिए। जो मुल्क का दुश्मन है वह हमारा भी दुश्मन है। मुख्यमंत्री ने पहले भी कहा है कि अगर हमारा कोई बच्चा बिगड़ चुका है तो हम उसे वापस आने का मौका देंगे।
एएमयू के रिसर्च स्कालर मन्नान वानी के आतंकी बनने पर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उसके माता पिता ने भी अपील की है। हमें अच्छा लगेगा कि अगर वह आतंकवाद को छोड़ वापस पढ़ाई की राह अपनाएगा।